रायपुर. नक्सली दलम में बच्चों की भर्ती करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करने का मुददा आज लोकसभा में उठा. यूपी के सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूछा है कि क्या देश के नक्सलवादी संगठनों द्वारा अपने दलम में बच्चों की भर्ती की जा रही है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है तो इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेडडी ने कहा कि हां पुलिस के गुप्तचर विभाग और खुद नक्सली संगठन इसकी पुष्टि कर चुके हैं.

सांसद जगदंबिका पाल ने इससे जुड़े तीन सवाल उठाये. पहला यह कि क्या नक्सलवादी संगठनों में बच्चों की भर्ती या उनका प्रशिक्षण किया जा रहा है. दूसरा सवाल यह कि अगर यह सच है तो क्या सरकार के पास राज्यों की ओर से कोई रिपोर्ट दी गई है क्या. तथा तीसरा सवाल यह पूछा गया कि सरकार द्वारा इसके खिलाफ क्या कदम उठाये गये हैं.

इस पर जवाब देते हुए श्री रेडडी ने कहा कि झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के नक्सली संगठनों ने इसका दावा किया है कि वे बच्चों को अपने दलम में शामिल किया है और उन्हें प्रशिक्षित करते हैं. वे बच्चों का इस्तेमाल खाना बनाने, सामान उठाने तथा सुरक्षाबलों की सूचनाएं इकटठा करके देने का काम करते हैं. यहां तक कि वे सेना के प्रशिक्षण सेंटरों की जानकरी जुटाकर नक्सलियों की मदद कर रहे हैं.

श्री रेडडी ने आगे कहा कि भारत सरकार ने सन 2015 में एक नीति और एक्शन प्लान लागू किया था जिसके तहत ऐसे बच्चों को आत्मसमर्पण करने के बाद उन्हें स्कूल भेजने, शैक्षिक माहौल देने तथा उन्हें पारिवारिक माहौल देने के संबंध में जनहितकारी कदम उठाये जा रहे हैं. इस नीति को लागू करने के बाद हम नक्सली दलम में इन बच्चों को जाने से रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं.