Blog

6 करोड़ का गेस्ट हाउस चमकने से पहले दरकने लगा, वीवीआईपी के लिए तैयार किया गया था, जगह-जगह कमीशनखोरी की दरार

बिगुल
अंबिकापुर में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 6 करोड़ रुपए के लागत से माननीय और VVIP के लिए बनकर तैयार हुए आधुनिक विश्राम गृह चमकने से पहले ही दरकने लगा है. विश्रामगृह के भवन में जगह-जगह बड़े-बड़े दरार आ गए हैं, ठेकेदार के द्वारा लापरवाही को छुपाने के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन इसके बाद भी बिल्डिंग की दीवारों में आए दरार भ्रष्टाचार और गठित निर्माण की पोल खोल रहे हैं तो दूसरी तरफ अधिकारी इस पूरे मामले में खामोश दिखाई दे रहे हैं.

दरकने लगा 6 करोड़ का रेस्ट हॉउस
नया विश्राम गृह भले चमकता हुआ दिखाई दे रहा है लेकिन इसकी दीवारों में बड़े-बड़े दरार आ चुके हैं, यानी इस बिल्डिंग की उम्र अब बेहद कम है, जबकि लोक निर्माण विभाग के द्वारा बनवाए गए इस बिल्डिंग की देखरेख के नाम पर भी लाखों रुपए खर्च किए गए इतना ही नहीं 2 साल पहले बनकर तैयार इस बिल्डिंग में जहां घटिया निर्माण की वजह से दीवारों में सीलन और दरार है तो दूसरी तरफ कई दशक पहले बने ब्रिटिश काल के पुराने सर्किट हाउस में आज भी दरार देखने को नहीं मिल रहे हैं, लोग कहने लगे हैं कि ब्रिटिश काल में बना सर्किट हाउस से पहले करोड़ों की लागत से बना नया सर्किट हाउस खंडहर हो जाएगा.

हैरानी की बात तो यह है कि हर रोज यहां पर बड़े-बड़े अधिकारी और बड़े जनप्रतिनिधि मंत्री और सांसद भी पहुंचते हैं लेकिन इसके बाद भी इस घटिया निर्माण में पड़ी दरार पर उनकी नजर नहीं पड़ रही है लापरवाह ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो रही है. यहीं वजह है कि ऐसी हालत देखकर लोग भी सवाल खड़े करने लगे हैं.

जगह-जगह कमीशनखोरी की दरार
इस पूरे मामले में अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, उनका बस यही कहना है कि ठेकेदार 5 साल तक शर्तों के आधार पर बिल्डिंग का मरम्मत करेगा लेकिन सवाल इस बात का है कि आखिर ऐसे जर्जर भवन की उम्र जब कम होगी और 5 साल बाद फिर ठेकेदार इस बिल्डिंग को छोड़कर चला जाएगा तब अधिकारी क्या करेंगे, क्या कमीशन खोरी और गड़बड़ी में अधिकारियों की भी मिली भगत है या फिर अधिकारी जानबूझकर ऐसे लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते और आम जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो जाता है, उम्मीद है कि यहां आने वाले वीआईपी की नजर भी इन दीवारों में आए भ्रष्टाचार की दरारों पर पड़ेगी और अफसरों के साथ ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button