कांकेर में 33 लाख के 6 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, SLR समेत 3 हथियार सौंपे

बिगुल
नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन में अब केवल 5 दिनों का समय बचा हुआ है. इससे पहले नक्सली अपनी जान बचाते हुए सरेंडर कर रहे हैं. कांकेर जिला में राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन के 6 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सभी नक्सलियों पर 33 लाख रुपये का इनाम था.
SLR समेत 3 हथियार सौंपे
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में ACM मंगेश पोडियमी, ACM गणेश उइका, ACM राजे, ACM हिड़मे उर्फ जमाली और ACM मंगति शामिल हैं. इन नक्सलियों ने एक SLR और दो .303 राइफल समेत तीन हथियार सुरक्षा जवानों को सौंपे. कांकेर के उइलाकोटा के जंगल से एसपी ऑफिस पहुंचकर समर्पण किया. इन पांचों नक्सलियों के समर्पण के साथ ही कांकेर जिले का मोहला, अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी नक्सलमुक्त हो गया है. एक अन्य नक्सली ने भी आत्मसर्पण किया है.
पापाराव ने किया सरेंडर
नक्सली कमांडर पापाराव ने बुधवार (25 मार्च) को 18 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया था. उस पर 25 लाख का इनाम था. ये सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में अब कोई नक्सली कमांडर नहीं बचा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय की है. इसे लेकर राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों को तेज कर दिया गया है. जो नक्सली सरेंडर नहीं कर रहे हैं. उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया जा रहा है.
बस्तर रेंज के पुलिस महानिदेशक सुंदरराज ने बचे हुए नक्सलियों से अपील की गई है कि हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. पिछले 26 महीनों में करीब 2700 से ज्यादा माओवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं.



