भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य को राहत नहीं, याचिकाओं पर सुनवाई से SC का इनकार, जानें सर्वोच्च अदालत ने क्या कहा

बिगुल
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. भूपेश बघेल और चैतन्य को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, कोयला घोटाला, महादेव सट्टा ऐप केस समेत कई केस में फंसे भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं लगाई थीं. SC ने इन तीनों याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. साथ ही हाई कोर्ट जाने की बात कही है. जानें पूरा मामला-
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व CM भूपेश बघेल की याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. SC ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है. इसके बाद याचिकककर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ही है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच ने भूपेश बघेल की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया है. बेंच ने हाई कोर्ट जाने की सलाह देने के साथ-साथ इस मामले में हाई कोर्ट से जल्द से जल्द सुनवाई करने की बात कही है.
भूपेश बघेल ने लगाई थी याचिकाएं
पूर्व CM भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट मे CBI और ED जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है. उन्होंने याचिका में सवाल उठाया है कि CBI और ED को छत्तीसगढ़ में जांच करने का अधिकार किस आधार पर मिला, जब राज्य सरकार ने पहले ही उनकी आम सहमति वापस ले ली थी. याचिका में दोनों केंद्रीय एजेंसियों की जांच शक्तियों और अधिकार क्षेत्र पर आपत्ति जताई गई थी.
अग्रिम जमानत और चैतन्य की जमानत पर भी सुनवाई नहीं
छत्तीसगढ़ में शराब, कोयला और महादेव सट्टा एप घोटाले में फंसे पूर्व CM भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी. इसके अलावा चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर भी याचिका थी. बता दें कि भूपेश बघेल ने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी. हालांकि, PMLA की धारा 44 के मामले पर SC सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट 6 अगस्त को लंबित पुनर्विचार याचिकाओं के साथ सुनवाई करेगा.
14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल
3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में ED की टीम ने पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे को 18 जुलाई गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद चैतन्य को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिनों की रिमांड पर भेज दिया गया था. इसके बाद 22 जुलाई को भी कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया था. आज 4 अगस्त को जब चैतन्य की रिमांड खत्म होने वाली थी, उससे पहले कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फिर से चैतन्य को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है.
क्या है 3200 करोड़ का शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी यानी साल 2018 से 2023 के बीच प्रदेश में करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी देते हुए बताया कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपए की जमीन और दौलत खरीदी है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि अभी तक EOW के मुताबिक पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई थी, लेकिन जब इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला 2174 नहीं बल्कि 3200 करोड़ रुपए से अधिक का है.