राजनांदगांव में गांजा तस्कर की 4 करोड़ की संपत्ति जब्त, SAFEMA कोर्ट का बड़ा फैसला

बिगुल
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव जिले में मादक पदार्थ तस्करी (drug trafficking) के खिलाफ एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस और SAFEMA कोर्ट, मुंबई (SAFEMA Court Mumbai) के संयुक्त प्रयास से एक कुख्यात गांजा तस्कर की करीब 4 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त (Property Seized) कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट 1985 (NDPS Act 1985) की धारा 68 के तहत की गई है।
आरोपी ने गांजा बेचकर कमाई थी करोड़ों की संपत्ति
राजनांदगांव सिटी कोतवाली पुलिस (Rajnandgaon Police) के अनुसार आरोपी पुखराज चंदेल, उम्र 55 वर्ष, निवासी तुलसीपुर, राजनांदगांव, लंबे समय से गांजा की अवैध खरीद-बिक्री (illegal cannabis trade) में लिप्त था। पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि इस तस्करी के माध्यम से उसने और उसके परिवार ने बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति (immovable property) और बैंक जमा संपत्ति अर्जित की थी।
वैध आय से कई गुना अधिक मिली संपत्ति
पुलिस ने आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि, बैंक खाते, और संपत्ति विवरण का आरटीआई (RTI-based investigation) के माध्यम से विश्लेषण किया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी की संपत्ति उसकी वैध आय के मुकाबले कई गुना अधिक है।
4 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
जांच में यह बात सामने आई कि पुखराज चंदेल और उसके परिवार के नाम पर बहेराभांठा, जुरलाखुर्द और सुकुलदैहान गांवों में जमीन खरीदी गई थी। इसके साथ ही गांजा तस्करी से कमाए पैसों से महंगे दोपहिया और चारपहिया वाहन (vehicles), जेवर (jewellery) और विभिन्न बैंकों में जमा बड़ी रकम (bank deposits) का भी खुलासा (Drug Smuggler Property Seized) हुआ। संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये आंका गया है।
SAFEMA कोर्ट, मुंबई द्वारा इस संपत्ति को जब्त और फ्रीज करने का आदेश पुलिस को मिला, जिसे पुलिस ने तत्काल प्रभाव से लागू किया। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ अन्य आर्थिक अपराधों (economic offences) की भी जांच कर रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान (anti-drug trafficking drive) का हिस्सा है।
संपत्ति जब्ती से मिलेगी बड़ी चेतावनी
इस कार्रवाई (Drug Smuggler Property Seized) से मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अन्य अपराधियों को भी सख्त संदेश मिला है कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है। पुलिस की यह कार्रवाई ड्रग माफिया (drug mafia) पर लगाम कसने और युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।