खैरागढ़ में शराबबंदी लागू! नियम तोड़ने पर ₹20 हजार जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार,सूचना देने पर ₹5 हजार इनाम

बिगुल
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के खैरागढ़ जिले (Khairagarh District) के खपरी दरबार गांव (Khapri Darbar Village) में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी (Liquor Ban) लागू करने का साहसिक निर्णय लिया है। यह फैसला गांव में बढ़ती अवैध शराब बिक्री (illegal liquor trade) और पुलिस संरक्षण की आशंका के विरोध में लिया गया। दो दिनों की तीन बैठकों के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय हुआ, जिसका उद्देश्य गांव को नशा मुक्त बनाना और महिलाओं-बच्चों को इसके दुष्प्रभाव से बचाना है।
अवैध शराब बेचने पर ₹20 हजार जुर्माना
ग्रामीणों ने तय किया है कि अब महुआ से बनी कच्ची शराब (country liquor) का निर्माण, बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों (Khairagarh Liquor Ban) को तोड़ने पर ₹20,000 जुर्माना (fine on liquor sale) लगाया जाएगा और अवैध शराब की सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 तक का इनाम (reward for liquor info) मिलेगा। बार-बार चेतावनी के बावजूद नियम तोड़ने पर सामाजिक बहिष्कार (social boycott) भी किया जाएगा।
14 सदस्यीय निगरानी समिति करेगी शराबबंदी लागू
गांव में शराबबंदी नियमों (liquor ban rules) को सख्ती से लागू करने के लिए 14 सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई है। इस समिति में सरपंच, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ ग्रामीण शामिल हैं। समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाए और सूचना देने वालों को इनाम प्रदान करे।
पुलिस कार्रवाई के बजाय ग्रामीण खुद करेंगे कड़ा कदम
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अब अवैध शराब बेचने वालों को पुलिस का इंतजार नहीं किया जाएगा। गांव के लोग खुद ऐसे व्यक्तियों को पकड़कर सीधे थाने सौंपेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार पुलिस और प्रशासन (police inaction) से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए गांव के लोगों ने स्वयं शराबबंदी लागू (Khairagarh Liquor Ban) करने का निर्णय लिया।
गांव के लोगों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार (illegal alcohol business) के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा था। महिलाएं और बच्चे इसके प्रभाव से त्रस्त थे। अब इस पहल से गांव में सामाजिक सुधार की उम्मीद की जा रही है। खैरागढ़ का यह कदम पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन सकता है।
प्रश्न 1: खैरागढ़ के खपरी दरबार गांव में शराबबंदी क्यों लागू की गई?
उत्तर: “खैरागढ़ शराबबंदी” के तहत यह फैसला गांव में बढ़ते अवैध शराब कारोबार और प्रशासनिक निष्क्रियता के विरोध में लिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों और महिलाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है।
प्रश्न 2: “खपरी दरबार गांव शराबबंदी नियम” को लागू कौन करेगा?
उत्तर: गांव में 14 सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई है जो “खपरी दरबार गांव शराबबंदी” को सख्ती से लागू करेगी और नियम तोड़ने पर जुर्माना व सामाजिक बहिष्कार करेगी।
प्रश्न 3: अगर कोई गांव में शराब बेचते हुए पकड़ा जाए तो क्या होगा?
उत्तर: “खैरागढ़ शराबबंदी नियम” के अनुसार शराब बेचने पर ₹20,000 का जुर्माना लगेगा और ग्रामीण स्वयं उसे थाने ले जाएंगे।
प्रश्न 4: “खैरागढ़ शराबबंदी सूचना इनाम” क्या है?
उत्तर: अगर कोई व्यक्ति अवैध शराब बेचने की सूचना देता है, तो उसे ₹5,000 तक का इनाम दिया जाएगा।
प्रश्न 5: क्या “खैरागढ़ शराबबंदी” सिर्फ शराब पर है या अन्य नशे भी शामिल हैं?
उत्तर: फिलहाल यह फैसला महुआ से बनी कच्ची शराब पर केंद्रित है, लेकिन भविष्य में अन्य नशीले पदार्थों पर भी रोक लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।