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ब्रेकिंग : प्रदेश भाजपा की नई टीम के खास चेहरों की समीक्षा करती यह रिपोर्ट. संतोष पाण्डे, रवि भगत, नंदन जैन, अमित चिमनानी, हेमंत पाणिग्रही, मितुल कोठारी की भूमिका का विश्लेषण पढ़िए

रायपुर. कई महीनों से बहुप्रतीक्षित प्रदेश भाजपा की नई टीम का ऐलान आज प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कर दिया। प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय ने शीर्षस्थ नेताओं से सलाह मशविरा करके इस टीम को तैयार किया है। कुछ बड़े फेरबदल हुए तो कुछ को ईनाम और कुछ को दण्ड भी दिया गया है। जिन नेताओं को इस सूची में जगह नही मिल सकी, उन्हें भविष्य में जारी होने वाली निगम मण्डल अध्यक्षों की सूची में स्थान मिलने का भरोसा दिलाया गया है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव पहली बार 21 दिसंबर 2023 को प्रदेश अध्यक्ष बने थे लेकिन विधानसभा चुनाव होते तक नई कार्यकारिणी नही बना सके. तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव जो कार्यकारिणी बनाकर गए थे, वही विधानसभा चुनाव तक काम करती रही. भाजपा की यह बड़ी खासियत है कि नेता कोई भी हो, टीम भाजपा काम करती है। खैर..विधानसभा चुनाव हुए तो पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव जीता साथ ही किरण देव भी विधायक चुन लिए गए. देव के नेतृत्व ने खुद को साबित कर दिखाया. उन्हें मंत्रिमण्डल में जगह मिलने की उम्मीद थी लेकिन संगठन ने तय किया कि दुबारा प्रदेश अध्यक्ष भी वही होंगे और फिर 17 जनवरी 2025 को देव दुबारा अध्यक्ष चुन लिए गए।

तब से नई प्रदेश कार्यकारिणी बनाने की अटकलें चल रही थीं। दरअसल प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय पर यह जिम्मेदारी थी कि वे सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संतुलित टीम तैयार करें सो उन्होंने सभी नेताओं को जांच परखकर, परफार्मेंस के आधार पर, शीर्षस्थ नेताओं से सलाह मशविरा करके इस टीम को तैयार किया है।

नई टीम में जो बड़े फेरबदल हुए हैं, उन पर एकनजर :

रवि भगत :

पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का जाना तय था. कई दिनों से पार्टी से नाराज चल रहे थे. भाजयुमो को जिस तरह नेतृत्व, सहयोग, रणनीति की जरूरत थी, भगत उसमें फलॉप ही रहे. हाल इतना बुरा था कि भाजयुमो के एक बड़े कार्यक्रम से वे गायब रहे. राहुल योगराज टिकरिहा को नया भाजयुमो अध्यक्ष बनाया गया है. जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं. राहुल को पहले विधानसभा की टिकट मिली थी लेकिन ऐनवक्त पर नाम काट दिया गया था. जातिगत समी​करण पर फिट हैं इसलिए भाजपा की नई पीढ़ी में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

नंदन जैन :

पहले प्रदेश कोषाध्यक्ष थे, अब पार्टी ने उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है. नंदन जैन ने सभी चुनावों में सफल आर्थिक प्रबंधन किया था. सुनने में आ रहा है कि नंदन जैन अब चुनाव की तैयारी करेंगे. नए कोषाध्यक्ष के रूप में जशपुर के राम गर्ग को लाया गया है. उन्हें सीएम और पवन साय दोनों का आर्शीवाद हासिल हुआ है.

अमित चिमनानी :

पहले प्रदेश मीडिया प्रभारी थे और अब प्रवक्ता बनाए गए हैं. अटकलें थी कि उन्हें निगम मण्डल भेजा जा रहा है लेकिन अमित ने संगठन में ही रहने का फैसला किया. पार्टी को अच्छे प्रवक्ताओं की दरकार भी थी जिसमें अमित खरा उतरते हैं. चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट हैं, सौम्य और विद्वान चेहरा हैं, तथ्यों के साथ पार्टी का पक्ष मीडिया में रखते रहे हैं. उनके आने से कांग्रेस के मीडिया विभाग के माथे पर सलवटें आ गई होंगी. उज्जवल दीपक को प्रवक्ता बनाना अच्छा फैसला रहा. वे अंग्रेजी-हिंदी दोनों भाषा बोलने में सक्षम हैं. अमित को जब मीडिया प्रभारी बनाया गया था तो उनकी सफलता संदिग्ध बताई जा रही थी लेकिन अचूक रणनीति के साथ उन्होंने बेहतर टीम बनाई और जो मीडिया वार छेड़ा, उसी की बदौलत कांग्रेस राज्य की सत्ता से बाहर हुई और भाजपा की वापसी हुई. चिमनानी अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी कर सकते हैं.

संतोष पाण्डे :

वर्तमान में राजनांदगांव से सांसद हैं. फिलहाल मुख्य प्रवक्ता बनाए गए हैं. पाण्डे संगठन का चेहरा माने जाते हैं. वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की रेस वाले नेता हैं लेकिन अचानक मुख्य प्रवक्ता बनाना सबको चौंका गया. खैर पाण्डे पहले भी प्रवक्ता रह चुके हैं इसलिए इस भूमिका में सफल साबित होंगे. उनका सहज सरल मृदुभाषी व्यवहार, अन्य प्रवक्ताओं में सामंजस्य बनाए रखेगा. भाजपा का छुपा हुआ संदेश : पार्टी जो जिम्मेदारी दे, उसे निभाइए, फिर आप कितने ही बड़े पद पर क्यों ना हों!

हेमंत पाणिग्रही

अभी तक भाजपा की पत्रिका दीप कमल के प्रबंध संपादक हैं और अब पदोन्नति पाकर प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाए गए हैं. हेमंत ने कई साल पार्टी की सेवा की, कई भूमिकाएं निभाई. उन्हें शांत सरल रहते हुए, सबकी सुनकर फैसले लेने के लिए जाना जाता है. मीडिया में अच्छी पकड़ रखते हैं. जगदलपुर का होने के चलते संभवत: किरण देव का आर्शीवाद भी मिला हो. जगदलपुर से ही शिवनारायण पाण्डे को भी प्रवक्ता बनाया गया है. प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी प्रदेश मीडिया प्रभारी की दौड़ में थे लेकिन एग्रेसिवनेस ने गुड़ गोबर कर दिया. खैर वे वर्तमान पद पर बने रह सकते हैं.

मितुल कोठारी :

पहले सोशल मीडिया टीम के सह प्रभारी थे लेकिन अब पदोन्नत करके प्रदेश संयोजक बना दिया गया है। 15 सालों से सोशल मीडिया संभाल रहे हैं. सभी चुनावों में उन्होंने अचूक रणनीतिकार की भूमिका निभाई. मंडल स्तर तक टीम बनाना, सोशल मीडिया वालंटर टीम का गठन, विधानसभा चुनाव में भू.पे वाला कांसेप्ट मितुल ही लेकर आए. इसके अलावा पहुना संग गोठ, कार्टून वार छेड़कर विपक्ष को धराशायी करने का कमाल उनकी टीम ने कर दिखाया. कांग्रेस के नेताओं ने भी विधानसभा चुनाव में करारी हार का कारण भाजपा का सोशल मीडिया में मजबूत रहना बताया था. इस प्रदर्शन के लिए मितुल पदोन्नति के हकदार तो थे ही.

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