चैतन्य बघेल की जमानत पर टली सुनवाई, ED ने रिमांड के लिए लगाया आवेदन

बिगुल
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. 3200 करोड़ के शराब घोटाले मामले में फंसे चैतन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है. वहीं, ED ने भी चैतन्य की 5 दिनों की रिमांड के लिए आवेदन दिया है.
चैतन्य बघेल की जमानत पर सुनवाई टली
चैतन्य बघेल की 28 दिनों की ज्यूडिशियल रिमांड 18 अगस्त को खत्म होने वाली थी. ऐसे में सोमवार को उन्हें PMLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन कोर्ट में कन्डोलेंस हो जाने के कारण सुनवाई को 19 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया. अब मंगलवार को चैतन्य की जमानत पर सुनवाई होगी. इसके बाद चैतन्य की एक दिन रिमांड और बढ़ गई.
ED ने मांगी 5 दिन की रिमांड
ED ने चैतन्य बघेल को 5 दिन रिमांड पर लेने के लिए आवेदन लगाया है. ED ने नए तथ्य सामने आने पर पूछताछ करने का हवाला दिया है. अब 19 अगस्त को ED रिमांड के बारे में फैसला होगा.
बता दें कि 3200 करोड़ के शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड 18 अगस्त को खत्म हो गई. उन्हें 18 जुलाई को भिलाई से गिरफ्तार किया गया था. इस गिरफ्तारी के बाद चैतन्य को 5 दिन की रिमांड मिली थी. जब यह 5 दिनों की रिमांड खत्म हुई तो चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया. इसके बाद 4 अगस्त को जब चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया और फिर से 14 दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया गया.
3200 करोड़ का शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल 3200 करोड़ के शराब घोटाले में गिरफ्तार है. प्रदेश में 2018 से 2023 के बीच जब कांग्रेस की सरकार थी और CM भूपेश बघेल थे तब प्रदेश में करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी देते हुए बताया कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपए की जमीन और दौलत खरीदी है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि अभी तक EOW के मुताबिक पूरे शराब घोटाले में करीब 61 लाख अवैध पेटी शराब बिकवाकर 2174 करोड़ रुपए की चपत लगाई गई थी, लेकिन जब इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई तो पता चला कि यह घोटाला 2174 नहीं बल्कि 3200 करोड़ रुपए से अधिक का है.