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कोंडागांव में बनियागांव धान खरीदी केंद्र में किसानों का फूटा गुस्सा, पांचवें दिन भी बंद मिला केंद्र, कांग्रेस ने किया समर्थन

बिगुल
कोंडागांव जिले के बनियागांव धान खरीदी केंद्र में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा, क्योंकि धान खरीदी शुरू होने के पाँचवें दिन भी केंद्र में किसी प्रकार की खरीदी व्यवस्था नहीं की गई। किसानों ने बताया कि 15 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में धान खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन बनियागांव केंद्र अभी तक पूरी तरह बंद है, जिससे किसान बेहद परेशान और नाराज हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, आज 19 नवंबर को तीन किसानों ने ऑनलाइन टोकन कटवाया था और वे अपने धान को बेचने के लिए केंद्र पहुंचे थे। लेकिन वहां न तो धान खरीदी प्रभारी मौजूद थे, न प्रबंधक, न बारदाना प्रभारी और न ही ऑपरेटर। केंद्र में ताला लटका हुआ था। इस अव्यवस्था को देखकर किसान निराश हो गए और मौके पर ही विरोध जताया। बनियागांव धान खरीदी केंद्र कोंडागांव जिला मुख्यालय से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित है। इस केंद्र से आसपास की 5 से 7 पंचायतों के किसान अपने धान की विक्रय प्रक्रिया पूरी करते हैं। किसानों का कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से धान खरीदी की पूरी तैयारी होने का दावा किया गया था, लेकिन केंद्र में कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। पाँच दिन बीत जाने के बाद भी खरीदी प्रारंभ न होने से किसानों में गहरा आक्रोश है। सूचना मिलते ही कोंडागांव कांग्रेस इकाई भी मौके पर पहुंची और किसानों का समर्थन किया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार केवल झूठे दावे कर रही है। प्रदेशभर में धान खरीदी शुरू होने के बाद भी कई केंद्रों में अव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लैंप्स समिति के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे व्यवस्था चरमराई है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी जल्द शुरू नहीं की गई तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि किसान हर साल अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करते हैं, और इस प्रकार की लापरवाही से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि खरीदी केंद्र को तुरंत शुरू किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर भेजकर व्यवस्था सुचारू की जाए, ताकि उनका धान समय पर खरीदा जा सके।

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