हिंदू रीति-रिवाज से होगा महिला का अंतिम संस्कार, घर वापसी के लिए प्रशासन को परिवार का आवेदन

बिगुल
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद अब शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंच गया है। बोराई गांव निवासी 65 वर्षीय पुनिया बाई साहू के अंतिम संस्कार को लेकर कई घंटों तक चले तनाव के बाद परिजनों ने हिंदू धर्म में वापसी के लिए प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपा, जिसके बाद सहमति बनी कि मृतका का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुनिया बाई साहू ने कुछ समय पहले ईसाई धर्म अपनाया था। उनकी अचानक मृत्यु के बाद परिजन ईसाई परंपरा के अनुसार शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे। इस पर गांव के लोगों और हिंदू संगठनों ने विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पहले बोराई और फिर नगरी शराब दुकान के पीछे वार्ड नंबर-1 में शव दफनाने की कोशिश की गई, लेकिन हर स्थान पर विरोध के चलते प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रशासन, समाज और ग्रामीणों के बीच बनी सहमति
स्थिति बिगड़ने (Dhamtari Conversion Controversy) की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और देर रात तक दोनों पक्षों से संवाद किया। लंबी चर्चा और सामाजिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परिजनों ने हिंदू धर्म में वापसी की सहमति दी और लिखित आवेदन सौंपा। इसके बाद निर्णय लिया गया कि लगभग 36 घंटे बाद मृतका का अंतिम संस्कार हिंदू परंपरा के अनुसार किया जाएगा।
‘राम नाम सत्य है’ के साथ अंतिम यात्रा की तैयारी
सहमति के बाद शव को बोराई लाने की तैयारी शुरू की गई, जहां ‘राम नाम सत्य है’ के उद्घोष के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया शांति और कानून-व्यवस्था के तहत संपन्न कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह का तनाव दोबारा न उत्पन्न हो।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान SDM प्रीति दुर्गम, एएसपी मणि शंकर चंद्रा, एसडीओपी विपिन रंगारी, तहसीलदार चुम्मन ध्रुव, थाना प्रभारी और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सभी वर्गों के बीच शांति बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जा रही है।



