कन्याएं यूटरस निकलवा दें’: छत्तीसगढ़ संत समाज ने ढोंगी बाबा अमनदत्त के खिलाफ खोला मोर्चा, दी ये चेतावनी

बिगुल
संत समाज रायपुर महानगर ने सनातन धर्म के नाम पर ढोंग फैला रहे कुशालपुर रायपुर निवासी अमनदत्त ठाकुर उर्फ स्वामी अभिरामदास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संत समाज ने आज मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि निष्काशन की मांग को लेकर वृंदावन स्थित मलूकपीठ के पीठाधीश्वर से भेंट कर उसकी ओर से किये जा रहे धर्म विरोधी और अंधविश्वास फैलाने वाली हरकतों की जानकारी दी गई है।
समाज ने प्रशासन से मांग है कि उसके ट्रस्ट को बंद करते हुए इसके यूट्यूब चैनल ‘आध्यात्मिक विरासत’ चैनल को ब्लाक कर दोषी ट्रस्ट के सदस्यों के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जाये। समाज के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि यह व्यक्ति संत का वेष धारण करके मार्च 2024 में इसने वृंदावन स्थित मलूकपीठ से गुरूदीक्षा ली, जबकि की ओर से पूर्व के पांच वर्षों से घूम घूम कर प्रदेश की भोली भाली जनता को गुरू दीक्षा देकर झूठा प्रचार प्रसार कर रहा था। सितम्बर 2024 में वृंदावन स्थित श्री मलूकपीठ से विरक्त दीक्षा ली गई, जिसमें संन्यास ग्रहण कर घर परिवार का त्याग करना होता है।
इसके बाद जनवरी 2025 महाकुंभ प्रयागराज में इसे श्री मलूकपीठ द्वारा जगतगुरू एवं मठाधीश की उपाधि प्रदान कर दी गई। फर्जी गौशाला और महाकुभ में अर्जित लाखों रूपये की चंदा उगाही की गई। उपरोक्त जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों, सूचना का अधिकार एवं पुलिस विभाग धमतरी के माध्यम से उजागर हुई।



