कड़ाके की ठंड से ग्रामीण की मौत, यात्री प्रतीक्षालय में मिला शव

बिगुल
कोरबा जिले में कड़ाके की ठंड अपना प्रकोप दिखा रही है, जिसका खामियाजा एक ग्रामीण को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है। छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल लौट रहे 55 वर्षीय हरप्रसाद भैना की मौत ठंड में ठिठुरकर हो गई। ग्रामीण का शव बुधवार की सुबह कसईपाली के सलिहापारा स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
सरईसिंगार निवासी हरप्रसाद भैना मंगलवार को कटघोरा के रलिया गांव में आयोजित एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, वे शाम को खाना खाकर अपने घर के लिए पैदल ही रवाना हो गए। करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, जब वे चाकाबुड़ा के पास सलिहापारा पहुंचे, तो रात गहरा चुकी थी और वे शायद थक गए थे। ऐसे में, उन्होंने पास के यात्री प्रतीक्षालय में रुककर आराम करने का फैसला किया।
बुधवार की सुबह जब ग्रामीण उस यात्री प्रतीक्षालय से गुजरे, तो उन्होंने हरप्रसाद भैना के शव को देखा। शव अकड़ी हुई हालत में था, जिससे ग्रामीणों को ठंड में ठिठुरकर मौत होने की आशंका हुई। तुरंत ही इसकी सूचना सरपंच उमा बाई पति रामकुमार मरकाम को दी गई, जिन्होंने आगे डायल 112 को सूचित किया।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान की। मृतक की जेब से मिले पर्स में हरप्रसाद भैना, सरईसिंगार लिखा था, जिससे उनकी पहचान हो सकी। दीपका थाना और सरईसिंगार को भी सूचित किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि शव की स्थिति और मौके के हालात को देखते हुए, ठंड लगने से ही उनकी मौत हुई होगी। हालांकि, मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे पारा न्यूनतम स्तर 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बुधवार की रात को भी पारा 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ऐसे में, लोगों को ठंड से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. वेद ने कहा है कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए, सभी को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।



