ब्रेकिंग : समाजसेवी बसंत अग्रवाल का मीडिया से सवाल, कथा कराना अपराध है क्या…मैंने कोई जमीन नही हड़पी, कुछ लोग मुख्य सड़क से जाने की बजाय निजी जमीन से रास्ता चाहते हैं, कोई अपनी जमीन क्यों देगा ?

बिगुल
समाजसेवी बसंत अग्रवाल ने जमीन मामले को लेकर उनके खिलाफ मीडिया और सोशल मीडिया में चल रही खबरों का पुरजोर खंडन किया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद, तथ्यहीन और छवि को धूमिल करने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बसंत ने कहा कि कुछ मीडिया में बिना तथ्यों की जांच किए मेरे खिलाफ एकतरफा और भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जो पूरी तरह से निराधार हैं। मैं इन सभी आरोपों का खंडन करता हूँ। ऐसा करने वाले लोगों पर मानहानि का दावा करेंगे। उन्हें लीगल कानूनी नोटिस भेजेंगे। एफआईआर भी करूंगा।
उन्होंने कहा कि मैं बागेश्रर धाम सरकार की कथा कराता हूं। साधु-संतों को बुलाता हूं। धार्मिक आयोजन करवाता हूं और आगे भी कराता रहूंगा। ऐसा करने पर मेरे विरोधियों को तकलीफ है। कोई मेरे धर्म के खिलाफ न बोले। जिस जमीन की बात कही जा रही है, वो जमीन मेरे नाम पर है ही नहीं तो फिर उसी के बहाने मेरे खिलाफ भ्रामक खबरें क्यों परोसी जा रही हैं। मीडिया समाज का आईना है। ऐसी खबरें परोसने से पहले मेरा पक्ष जरूर लिया जाये। बिना कुछ लोग मेरे विरोधी हैं, जो मुझे लगातार टारगेट करते रहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ वो कानूनी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने इस मामले में ‘वामपंथी विचारधारा’ से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, लगातार कुछ वामपंथी विचारधारा के लोग मेरी छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब मुझे इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है, इससे पहले भी सोशल मीडिया में मेरे खिलाफ खबरें प्रकाशित की गई थी, जो कि बाद में असत्य साबित हुई।
अग्रवाल ने प्रदेश की मीडिया और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि मेरा सभी से केवल यही निवेदन है कि वे किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले तथ्यों को पूरी तरह से जान लें और इस प्रकार की भ्रामक खबरों से बचें। अग्रवाल ने विश्वास जताया कि सत्य की जल्द ही जीत होगी और यह साजिश बेनकाब होगी।



