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करंट से वन्यजीवों का शिकार: राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर चलाया एंटी-पोचिंग अभियान, हाई कोर्ट ने किया तलब

बिगुल
छत्तीसगढ़ में करंट से वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों को लेकर हाई कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज पीआईएल की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में विस्तृत शपथ-पत्र पेश कर बताया कि टाइगर और तेंदुए की मौत के बाद प्रदेशभर में बड़े स्तर पर एंटी-पोचिंग अभियान चलाया गया है.

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि उम्मीद है अब किसी भी टाइगर की मौत प्राकृतिक कारणों के अलावा नहीं होगी. मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को होगी.

5726 KM जंगल में पैदल गश्त, जाल और करंट वायर हटाए
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) व चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन ने अपने व्यक्तिगत शपथ-पत्र में बताया कि दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेशभर में 5726 किलोमीटर जंगल क्षेत्र में पैदल एंटी-स्नेयर वॉक कराई गई. इस दौरान कई जगहों से जिंदा करंट वाले तार, अवैध फंदे, इलेक्ट्रिक हुकिंग वायर, देसी हथियार और वन्यजीव अंग जब्त किए गए.

तेंदुआ-टाइगर शिकार मामलों में त्वरित कार्रवाई
खैरागढ़ (दुर्ग सर्कल) में तेंदुए की करंट से मौत पर 7 आरोपी गिरफ्तार और बीट गार्ड निलंबित किया गया. सूरजपुर (सरगुजा सर्कल) में टाइगर की मौत के बाद स्निफर डॉग की मदद से आरोपियों तक पहुंचे. बलरामपुर में 70 मीटर से अधिक लाइव वायर जब्त की गई. बस्तर और इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नक्सल प्रभावित इलाकों में सीआरपीएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर 14 जनवरी 2026 को उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक हुई, जिसमें वन विभाग, विद्युत वितरण कंपनी, पुलिस विभाग शामिल रहे.

अब फील्ड अफसरों की जवाबदेही तय
सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि अब हर संवेदनशील क्षेत्र की पहचान, नियमित नाइट पेट्रोलिंग, लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई, सूचना देने वालों को गुप्त इनाम जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं.

बिलासपुर सर्कल में भी सतर्कता बढ़ी
बिलासपुर वन मंडल में नियमित एंटी-स्नेयर वॉक, बिजली विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण, 11 केवी व 33 केवी लाइनों की जांच, संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज कर दी गई है.

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