वेतन घोटाला : छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती! इतने महीने से काटे जा रहे हजारों रुपए, सैलरी घोटाले की अब होगी जांच?

बिगुल
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शराब दुकानों के प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन कटौती का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल समेत अन्य कांग्रेसियों ने कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपकर इस मामले की जांच और कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि यह सीधे-सीधे वेतन घोटाला प्रतीत होता है।
शराब कर्मचारियों का वेतन घोटाला
मामला तब उजागर हुआ जब कुछ दिन पूर्व गंजपारा स्थित शराब दुकान के सेल्समैन चेतन साहू द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया। जांच में पता चला कि दुर्ग जिले की सभी शराब दुकानों के प्लेसमेंट कर्मचारियों का वेतन दो महीने से काटा जा रहा था। जानकारी के अनुसार सुपरवाइजर पद के कर्मचारियों से 10,000 रुपए काटे जा रहे हैं। सेल्समैन से 7,000 रुपए काटे जा रहे हैं। मल्टी कर्मचारियों से 5,000 रुपए काटे जा रहे हैं। दुर्ग जिले में कुल 63 देशी और विदेशी शराब दुकानों में लगभग 350 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को प्लेसमेंट एजेंसी BIS (बॉम्बे एंट्रीगेटर सिक्योरिटी) द्वारा दुर्ग और रायपुर जिलों में वर्कर सप्लाई का ठेका दिया गया है।
2 महीने से काटे जा रहे हजारों रुपये
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अन्य जिलों में स्थित शराब दुकानों के कर्मचारियों से वेतन नहीं काटा गया। माना जा रहा है कि प्रति माह कटौती की रकम लगभग 70 से 80 लाख रुपए तक हो सकती है। इस पूरे मामले में अब तक BIS का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, आबकारी विभाग लगातार भर्ती कर्मचारी चेतन साहू की निगरानी कर रहा है। चेतन साहू का इलाज वर्तमान में निजी अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। अब यह देखने वाली बात है कि यह पूरा मामला किस दिशा में जाता है और कर्मचारियों को न्याय कब मिलेगा।



