कवासी लखमा ने नक्सलवाद खात्मे पर सरकार की तारीफ की, कहा- बस्तर में डर खत्म लेकिन चुनौतियां बरकरार

बिगुल
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का आज तीसरा दिन है. तीसरे दिन विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की गई. सदन में नक्सलवाद और बस्तर के हालात पर भी चर्चा की गई. इस दौरान तीखी बयानबाजी देखी गई. वहीं जेल से छूटने के बाद पहली बार विधानसभा में बोलते हुए कवासी लखमा ने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सरकार की तारीफ की. हालांकि इसके साथ ही लखमा ने कई मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला.
‘कल्पना नहीं की थी कि नक्सलवाद इतना कमजोर होगा’
ऐसा पहली बार देखा जा रहा है जब नक्सलवाद को लेकर बस्तर में विपक्ष ने सुरक्षाबलों की तारीफ की है. कवासी लखमा ने विधानसभा में कहा कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि बस्तर में नक्सलवाद इतना कमजोर हो जाएगा. यहां नक्सल गतिविधियां इतनी कमजोर पड़ जाएंगी. इसके साथ ही लखमा ने ये भी माना कि अब लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर में डर तो खत्म हो गया है, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं. स्थायी रूप से शांति तभी आएगी, जब आदिवासियों का विश्वास भी जीता जाएगा.
तीसरे दिन की कार्यवाही हुई संपन्न
वहीं अपने भाषण के दौरान कवासी लखमा ने आदिवासी इलाकों में हो रहे वैचारिक बदलावों को लेकर कहा कि इसके पीछे आरएसएस की भूमिका हो सकती है. वहीं लखमा के आरोपों पर बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने पलटवार किया. शुक्ला ने कहा कि बिना किसी प्रमाण के इतने बड़े संगठन पर इस तरह आरोप लगाना सदन की गरिमा के खिलाफ है. इस कारण सदन में तीखी नोकझोंक भी देखी गई.
आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीसरी दिन की कार्रवाई संपन्न हुई. इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई.



