Blog

साहित्य : कवि राजेश जैन राही की नई काव्य कृति ‘पिता छांव वट वृक्ष की’ कलेक्टर गौरव सिंह के हाथों विमोचित, पद्मा शर्मा, कैलाश जैन सम्मानित, पत्रकार डा अनिल द्विवेदी का उद्बोधन

बिगुल

छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि राजेश जैन राही की नई काव्य कृति ‘पिता छांव वट वृक्ष की’ का विमोचन कल वृंदावन हाल में आयोजित कार्यक्रम में हुआ। इस अवसर पर रग रग में राम नामक काव्य प्रस्तुति की गई तथा पिता नामक कविता पर एकल मंचन भी हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर आईएएस गौरव सिंह थे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विश्वकर्मा, समाजसेवी एम राजीव, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनिल द्विवेदी तथा कलाकार रंजन मोदक थे। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात नवोदित युवा कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठन किया जिसने खासी वाहवाही लूटी।

मुख्य अतिथि कलेक्टर आईएएस गौरव सिंह ने अपने उदबोधन में कवि राजेश जैन राही को नई कृति पुस्तक के लिए बधाईयां दी। उन्होंने अपने पिता के व्यक्तित्व को सामने रखते हुए कहा कि उनके दिए संस्कार, अनुशासन और शिक्षा ने उन्हें इस आइएएस बनने तक पहुंचाया। गौरव सिंह ने आगे कहा कि उनका प्रिय विषय हिंदी साहित्य रहा है अत: वे ऐसे आयोजन में आना पसंद करते हैं मगर व्यस्तता के चलते संभव नही हो पाता। आईएएस गौरव सिंह की बिटिया ने भी श्रोताओं के सम्मुख एक कविता का वाचन किया जिसकी भूरि भूरि प्रशंसा की गई।

कलेक्टर आईएएस गौरव सिंह ने कोपलवाणी की पदमा शर्मा को, हनुमान चालीसा समिति, लोकगाथा भरथरी संस्था सहित कुल छह संस्थाओं को सामाजिक सेवा के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर कवि राजेश जैन राही ने अपने पिता स्वर्गीय नेमीचंद जैन की स्मृति में रग रग में हैं राम’ नामक काव्य प्रस्तुति दी तथा श्रोताओं की तालियां बटोरीं। इसी तरह नाटयकार रंजन मोदक पिता पर केंद्रित एकल नाटक का मंचन किया जिसने आमंत्रितों को संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ.अनिल द्विवेदी ने पिता के महात्मय पर अपना उदबोधन दिया तथा कविताओं का वाचन किया। सभा को श्री विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार उर्मिला उर्मी ने तथा आभार प्रदर्शन एन रवि ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ज्योतिष महेंद्रनाथ ठाकुर, उदयभान सिंह चौहान, पत्रकार सुनील जायसवाल, जलज कुमार मसंद, कैलाश जैन रारा, समाजसेविका पद्मा शर्मा इत्यादि उपस्थित थे।

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button