अंबिकापुर में फायर सेफ्टी मामले में 24 संस्थानों को नोटिस, 1 हफ्ते में मांगा जवाब

बिगुल
अंबिकापुर में निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आगजनी की घटनाओं को रोकने और आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दमकल विभाग द्वारा किए जा रहे फायर सेफ्टी ऑडिट में अधिकांश संस्थान मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं.
24 हॉस्टल-कोचिंग को नोटिस
पिछले दो दिनों में किए गए निरीक्षण के दौरान 24 निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद सभी संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है. राज्य सरकार के निर्देश पर दमकल विभाग की टीम निजी हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रही है. जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आग लगने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संस्थानों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं या नहीं.
कई संस्थानों में फायर सिक्योरिटी सिस्टम नहीं
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अधिकांश संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगाए गए हैं. कई जगहों पर अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं मिले, जबकि कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकासी के रास्ते बेहद संकरे पाए गए. दमकल विभाग ने ऐसे संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं.
दमकल अधिकारियों का क्या कहना है?
वरिष्ठ दमकल अधिकारी अंजनी तिवारी ने बताया कि सभी संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही जिन भवनों में प्रवेश मार्ग और सीढ़ियां मानक के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें भी निर्धारित चौड़ाई के अनुसार विकसित करने को कहा गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर नहीं की गईं तो संबंधित कोचिंग संस्थानों और निजी हॉस्टलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सील या बंद किया जा सकता है.
स्टूडेंट्स ने भी उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान कई छात्रों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई. छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी कोचिंग और हॉस्टलों में रहते हैं, ऐसे में आग लगने जैसी स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है. दमकल विभाग की इस कार्रवाई के बाद शहर के निजी हॉस्टल और कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है.


