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रेलवे का कॉपर चोरी कर चांदनी चौक की कबाड़ मंडी में बेचने वाला गिरोह पकड़ाया, 17 गिरफ्तार

बिगुल
रेलवे की कॉपर केबल और तांबे की अन्य सामग्री को निशाना बनाकर चोरी करने वाले दिल्ली के एक संगठित गिरोह का आरपीएफ ने पर्दाफाश किया है. गिरोह के सदस्य अनूपपुर क्षेत्र में किराए के मकानों में रहकर रेलवे ट्रैक और अन्य रेल परिसरों की रेकी करते थे.

इसके बाद स्कूटर से घूमकर कॉपर केबल चोरी कर उसे दिल्ली ले जाकर कबाड़ मंडी में बेच देते थे. आरपीएफ की विशेष टीम और आरपीएफ पोस्ट अनूपपुर की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 10 चोरों तथा चोरी का माल खरीदने वाले 7 रिसीवरों समेत कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की कॉपर केबल सहित रेलवे की अन्य तांबे की सामग्री बरामद की गई है. चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले चार स्कूटर भी जब्त किए गए हैं.

बुढ़ार, सिंहपुर, छादा और शहडोल क्षेत्र में रेलवे की कॉपर केबल चोरी की लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष निगरानी शुरू की थी. वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, बिलासपुर के मार्गदर्शन में आरपीएफ की विशेष टीम और अनूपपुर पोस्ट की टीम ने प्रभावित रेलखंडों में पेट्रोलिंग, एंबुश और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया. इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर गिरोह तक पहुंचने के लिए कार्रवाई शुरू की गई.
किराए के मकान में रहकर करते थे रेकी

जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य दिल्ली से अनूपपुर क्षेत्र में पहुंचे थे. यहां उन्होंने किराए के मकान लिए और आसपास रहकर रेलवे की संपत्ति पर नजर रखना शुरू किया. आरोपी स्कूटर से अलग-अलग इलाकों में घूमते थे और रेलवे की कॉपर केबल तथा तांबे की अन्य सामग्री की रेकी करते थे. मौका मिलते ही केबल काटकर चोरी कर लेते थे. चोरी की सामग्री को आगे ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली ले जाया जाता था.

पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की रेलवे संपत्ति को दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कबाड़ मंडी में बेचने की बात बताई है. इसके बाद आरपीएफ ने चोरी का माल खरीदने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी. इसी कड़ी में सात रिसीवरों को गिरफ्तार किया गया.
ट्रेन से भाग रहे दो आरोपी उमरिया में पकड़े

आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान गिरोह के सदस्यों ने बचने का प्रयास भी किया. दो आरोपियों को ट्रेन से भागते समय उमरिया में पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी को गाजियाबाद स्थित उसके निवास से गिरफ्तार किया गया. अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.
अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश

आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई कॉपर केबल और रेलवे की अन्य तांबे की सामग्री बरामद की गई है. आरपीएफ अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. चोरी की संपत्ति को कहां-कहां खपाया गया और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.

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