ब्रेकिंग : वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के एक फैसले ने छत्तीसगढ़ सरकार के बचा लिए 2000 करोड, प्रतिवर्ष एम पी सरकार को पेंशन के रूप में दे रहे थे, पेंशन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन हुई

बिगुल
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री, पूर्व आईएएस ओ पी चौधरी ने अपने एक दूरदर्शी और परिणामदायी फैसले के तहत छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिवर्ष 2000 करोड रुपए से ज्यादा की राशि की बचत की है। यह राशि पेंशन मामले के तहत मध्य प्रदेश सरकार को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से दी जा रही थी।
दरअसल सालों से भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने 2018 से पेंशनरी दायित्व के भुगतान में छत्तीसगढ़ को घाटा की बात कहते आ रहा था लेकिन कोई उस पर कान नहीं धर रहा था। लगातार समाचार पत्रों के माध्यम से इसका खुलासा किया गया था। प्रत्यक्ष भेंट में चर्चा, ज्ञापन दिया गया था। मंत्रालय का घेराव भी हुआ मगर किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
अभी वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने इसका संज्ञान लिया और वित्त सचिव मुकेश बंसल को निर्देश दिए जिसके बाद विभागीय स्तर पर नया डेटा बनाया गया, पेंशन मामले को ऑनलाइन किया गया, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया लागू हुई जिसके बाद
इस पर अंकुश लगाया गया। इस तरह प्रतिवर्ष 2000 करोड बचा लिए गए।
हालांकि इस मामले पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि अब तक 25000 हजार करोड़ का नुकसान छत्तीसगढ़ सरकार को हो चुका है।
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने वित्त मंत्री ओ पी चौधरी की खूब तारीफ की तो जनता ने खूब तालियां बजाकर इस पर मुहर भी लगा दी। चौधरी अवाक रह गए, फिर ठहाका लगाते हुए खुशवंत को प्रणाम कर लिया।
2023 के चुनाव में जब भाजपा सत्ता में आई तो खजाना खाली था, चौधरी ने उसे एक लाख करोड के पास पहुंचा दिया. रिकॉर्ड जीएसटी से खजाना भरा. विकास का ‘युवा’ कांसेप्ट लेकर आए जिसे केन्द्र सरकार ने भी आगे बढ़ाया. जीएसटी रिफार्म के अधिकांश सुझाव चौधरी की तरफ से ही दिए गए.



