रायपुर में अपीलेट ट्रिब्यूनल होगा शुरू: छत्तीसगढ़ को 9 साल बाद मिला ट्रिब्यूनल कोर्ट, यहीं सुलझेंगे लंबित विवाद

बिगुल
छत्तीसगढ़ में जीएसटी लागू होने के करीब 9 साल बाद करदाताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। नवा रायपुर स्थित न्यू जीएसटी भवन में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GST Appellate Tribunal-GSTAT) की शुरुआत होने वाली है। केंद्र सरकार द्वारा सदस्यों की नियुक्ति के बाद दावा किया जा रहा है कि ट्रिब्यूनल 21 जनवरी 2026 से विधिवत कार्य करना शुरू कर देगा।
हजारों पेंडिंग केस की होगी सुनवाई
नए जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के शुरू होने से टैक्स से जुड़े हजारों लंबित मामलों की सुनवाई यहीं हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, तीन हजार से अधिक पुराने लंबित प्रकरण इस ट्रिब्यूनल में ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे न केवल करदाताओं को त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
न्यायिक सदस्य 21 जनवरी का पदभार संभालेंगे
छत्तीसगढ़ राज्य पीठ रायपुर के लिए न्यायिक सदस्य के रूप में प्रदीप कुमार व्यास और तकनीकी सदस्य (केंद्रीय) के रूप में सतीश कुमार अग्रवाल की नियुक्ति की गई है। हालांकि तकनीकी सदस्य (राज्य) पद पर नियुक्ति अभी शेष है। नियुक्त सभी सदस्य 21 जनवरी 2026 को पदभार ग्रहण करेंगे।
अब तक जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के अभाव में कारोबारियों को विवादित मामलों के लिए आयुक्त (अपील), हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते थे। ट्रिब्यूनल के गठन के बाद 1 जुलाई 2017 से अब तक के लंबित मामलों, बकाया टैक्स, छापेमारी के बाद रिकवरी और अन्य जीएसटी विवादों की सुनवाई यहीं पर की जा सकेगी।
समय बचेगा, जल्द होंगे फैसले
जीएसटीएटी के संचालन से करदाताओं को एक स्वतंत्र, सुलभ और किफायती न्यायिक मंच मिलेगा। आयुक्त (अपील) के आदेशों के खिलाफ अब सीधे ट्रिब्यूनल में अपील की जा सकेगी, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज होगी और हाईकोर्ट पर मामलों का बोझ भी कम होगा।



