बड़ी खबर : मंत्री रामविचार नेताम के नाम पर 22.70 लाख का चूना, बहनोई बनकर ठगे लाखों रुपये, मंत्रालय में नौकरी के नाम पर 4 युवकों को लगाया चूना

बिगुल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हुई है. आरोपियों ने चार लोगों को मंत्रालय में नौकरी दिलाने के झांसा देकर उनसे लाखों रुपये लेकर वसूल कर लिए और बाद में न कोई कोई नौकरी लगी और न ही कोई मंत्रालय पहुंचा. आइए जानते है क्या है पूरा मामला?
ऐसे तैयार हुआ पूरा प्लान
आरोपी ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताया था और कहा था कि उसकी मंत्रालय में पकड़ है. दरअसल रायगढ़ के रामभांठा निवासी अप्रैल 2025 में रायपुर गए थे. वहां उनकी मुलाकात महासमुंद निवासी कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई से हुई. कुमार राम ने दावा किया कि उसकी मंत्रालय में बड़ी पहुंच है और वह किसी को भी सरकारी नौकरी दिलवा सकता है.
आरोपी ने जीती पीड़ितों का भरोसा
उसने अपना मोबाइल नंबर देकर समारू को भरोसे में लिया था. समारू ने घर पहुंचकर अपने बेटे डीगेश के साथ-साथ अपने भतीजे और दोस्तो के बच्चों का बायोडाटा भी आरोपी को भेज दिया. इसके बाद ये हुआ कि आरोपी ने समारू से प्रति व्यक्ति लाखों रुपये की मांग की. पीड़ित ने झांसे में आकर पीड़ितों ने किस्तों में करीब 9 लाख 92 हजार रुपए ऑनलाइन और 4 लाख रुपए नकद दे दिए.
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
और पैसे ऐंठने के लिए आरोपी ने दिसंबर 2025 में सभी को अपने गांव बुलाया और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिखाए और कहा कि 12 दिसंबर को मंत्रालय में डाटा ऑपरेटर के पद पर ज्वाइनिंग होनी है इस लिए बाकी बचे हुए पैसे भी जल्द ट्रांसफर कर दो. पीड़ितों ने भरोसा करके 8 लाख 77 हजार रुपए और दे दिए. कुल मिलाकर आरोपियों ने 22 लाख 70 हजार रुपए वूसल लिए.
लगातार बनाता रहा बहानें
इसके बाद ज्वाइनिंग के दिन आरोपी ने कहा कि विधानसभा सत्र चल रहा है. इसलिए भर्तियां रोक दी गई हैं. इस तरह का टालमटोल काफी दिनों तक चलता रहा, तब जाके पीड़ितों को लगा की उनके साथ फ्रॉड हो चुका है. जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगने आरोपी के घर पहुंचे, तो उसने और उसके साथियों ने गाली-गलौज की और पैसे देने से साफ इनकार कर दिया.
कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज
पीड़तों ने इस मामले में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी कुमार राम ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. सभी आरोपियों को खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है.



