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ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ डायसिस आफ एजुकेशन बोर्ड ने शिक्षकों की सैलरी रोकी, 500 परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट, प्रशासन ने दिया यह जवाब

रायपुर. ईसाई समुदाय द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ डायसिस आफ एजुकेशन बोर्ड से जुड़े दो पक्षों के चुनावी विवाद ने 400 परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है. बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों में कार्य कर रहे शिक्षक और कर्मचारियों की सैलेरी तानाशाही ढंग से रोक दी गई है जिससे सैकड़ों परिवार तनख्वाह पाने के लिए बैंकों के चक्कर काट कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की लड़ाई में हम पिस रहे हैं तथा बैंक ने बिना किसी कारण बताए हमारी सैलरी रोक दी है. यह पूरी तरह अमानवीय और नियमों के विरूद्ध है.

दूसरी ओर रायपुर कलेक्टर ने इस पूरे मामले को देखने के लिए शासकीय अधिकारी तुलसी राठौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जो छत्तीसगढ़ डायसिस आफ एजुकेशन बोर्ड के विवाद को देख रही हैं. इस संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तनख्वाह रोकना पूरी तरह अमानवीय और नियमों के विरूद्ध है. विवाद बोर्ड प्रबंधन के दो पक्षों के बीच है, इसमें कर्मचारियों का क्या लेना देना. उन्होंने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में है और हम प्रबंधन से बातचीत कर सैलरी जारी करवाने का प्रयास कर रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ डायसिस आफ एजुकेशन बोर्ड एक दर्जन से अधिक स्कूलों का संचालन करता है जिसमें हजारों लोग काम करते हैं. इनमें प्यून से लेकर शिक्षक और प्राचार्य तक हैं जिन्हें डायसिस आफ एजुकेशन बोर्ड की ओर से तनख्वाह दी जाती है. इसके लिए अलग अलग बैंक में खाते खोले गए हैं. फिलहाल एक्सिस बैंक की तरह से कर्मचारियों की सैलरी रोकने की खबर है. उसका कहना है कि यह निर्णय उसने एक पक्ष के आदेश के बाद लिया है हालांकि उनके पास कोई लिखित आदेश नही आया है. सैलरी ना मिलने से परेशान कर्मचारी कलेक्ट्रेट इत्यादि का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी फरियाद अब तक नही सुनी जा सकी है. पीड़ित शिक्षकों ने इसके लिए नितिन लारेंस को जिम्मेदार ठहराया है.

नितिन लारेंस के खिलाफ 07 एफआईआर, गिरफतारी अब तक नही

महीनो पहले रायपुर के सालेम स्कूल में शनिवार की शाम एजुकेशन बोर्ड की महिला सचिव से जमकर मारपीट की गई। इस मामले में छत्तीसगढ़ डायसिस चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के सचिव नितिन लॉरेंस व अन्य के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। नितिन के खिलाफ यह पांचवीं एफआईआर है। इससे पहले अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ ठगी सहित अन्य चार मामले दर्ज हैं। मामले में दूसरे पक्ष ने भी महिला सचिव व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

पुलिस के मुताबिक, शशि वाघे छत्तीसगढ़ डायसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन की सचिव हैं। शनिवार को सोसाइटी एवं फर्म रजिस्टार में पेशी में शामिल होने के बाद वे अपने सहयोगियों के साथ सालेम स्कूल गई थीं। इसी दौरान नितीन लारेंस, जयदीप राबिन्सन, रूपिका लारेंस, राकेश जयराज, प्रीति यादव, राहुल करीम, शुभवानी, साक्षी, यूऐल, असीम विक्रम, बिशप सुषमा कुमार, सुबोध कुमार, गजेंद्र और अन्य लोगों ने उनसे गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी।

उन्हें जमीन पर गिरा दिया। उनसे मारपीट की। नुकीली वस्तु से हमला किया। उनका मोबाइल तोड़ दिया। इसकी शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने नितिन लॉरेंस, रूपिका लॉरेंस व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 191(2), 296, 351(2) के तहत केस दर्ज किया है।

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