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ब्रे​किंग : सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेचा, 8 महीने बाद पुलिस ने फरार आरोपी को घर से दबोचा

बिगुल
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस ने सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 8 महीने से फरार था, जिसे उसके घर पर ही दबोचा गया है.

क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र का है. यहां पुलिस ने शासकीय भूमि की फर्जी बिक्री कर लाखों रुपए की ठगी करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. आरोपी पिछले आठ माह से फरार चल रहा था. इस सफलता के बाद पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी नदीम अहमद (33 वर्ष) पिता वसीम अहमद निवासी टिकरापारा, पुराना हाई कोर्ट के पीछे, थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर शासकीय घास भूमि को निजी भूमि बताकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और कई लोगों को जमीन बेचकर धोखाधड़ी की.

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी मोहम्मद आजम खान निवासी विकास नगर, कुसमुंडा, जिला कोरबा ने 26 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई. प्रार्थी ने साल 2022 में ग्राम खमतराई स्थित भूमि 18 लाख 75 हजार रुपये में खरीदी थी. पंजीयन के बाद नामांतरण के लिए आवेदन करने पर तहसील कार्यालय से जानकारी मिली कि उक्त भूमि झाड़ियों से घिरी शासकीय भूमि है और कलेक्टर की अनुमति के बिना उसकी खरीदी-बिक्री नहीं की जा सकती. इस आधार पर नामांतरण निरस्त कर दिया गया. जांच में सामने आया कि आरोपी नदीम अहमद ने अपने सहयोगी श्रेयांश कौशिक एवं विश्वनाथ राय के साथ मिलकर शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की.

इसी प्रकार के मामलों में कौशिल्या थवाईत एवं संजय कुमार जायसवाल द्वारा भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर सरकंडा थाना में अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए गए. जांच के दौरान आरोपी फरार हो गया था. 21 जनवरी 2026 को सूचना मिली कि आरोपी अपने निवास पर आया हुआ है. सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराने के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके घर से पकड़ लिया. मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

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