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ब्रेकिंग : बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में आईटी की छापेमारी, फील ग्रुप और तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में जांच

बिगुल
बिलासपुर शहर में आयकर विभाग ने गुरुवार को कोल व्यापारी और फील ग्रुप के मालिक प्रवीण झा के कई ठिकानों पर एक साथ बड़ी दबिश दी। आयकर विभाग की एक बड़ी टीम शहर पहुंची, जिसने प्रवीण झा के आवास, कार्यालयों और फैक्ट्रियों में सघन जांच शुरू की। एसआईआर सर्वे टीम के स्टीकर लगी गाड़ियों से पहुंची आयकर अधिकारियों ने करीब घंटे भर से अधिक समय से दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने का काम जारी रखा। इस कार्रवाई को लेकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

आयकर विभाग की टीम ने सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित फील ग्रुप के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। प्रवीण झा, जो इस ग्रुप के प्रमुख हैं, के घर और दफ्तरों पर एक साथ कई टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और कर चोरी के आरोपों के चलते की गई है। अधिकारियों द्वारा जब्त किए जा रहे दस्तावेजों में कंपनी के पिछले कई वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश, और अन्य महत्वपूर्ण कागजात शामिल हैं। इस दौरान, किसी भी प्रकार की जानकारी लीक न हो, इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

उद्देश्य और संभावित परिणाम
इस प्रकार की आयकर छापों का मुख्य उद्देश्य कर चोरी को रोकना और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देना होता है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी व्यवसाय और व्यक्ति निर्धारित कर नियमों का पालन करें। फील ग्रुप जैसे बड़े व्यावसायिक घराने पर हुई इस कार्रवाई से निश्चित रूप से अन्य व्यवसायों में भी सतर्कता बढ़ेगी। प्राप्त जानकारी के आधार पर, यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो विभाग प्रवीण झा और फील ग्रुप के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर सकता है, जिसमें भारी जुर्माना या अन्य दंड शामिल हो सकते हैं। कार्यवाही अभी जारी है और इसके पूर्ण होने पर ही विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

जांजगीर-चांपा में तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर का छापा

जांजगीर-चांपा के चांपा-बिर्रा मार्ग पर स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में आयकर विभाग ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की। आयकर विभाग की टीम ने कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में सुबह से ही दबिश दी हुई है। इस दौरान कार्यालय के भीतर अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच में जुटी हुई है।

तिरुपति मिनरल्स के प्रोप्राइटर अंशुमान मुरारका कोयला व्यवसाय से जुड़े हैं। आयकर विभाग की टीम उनके आय-व्यय और खातों की पड़ताल कर रही है। यह कार्रवाई कब तक चलेगी, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। विभाग की ओर से इस संबंध में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

आयकर विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य
आयकर विभाग का मुख्य उद्देश्य कर चोरी की आशंकाओं को दूर करना और वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाना है। इस प्रकार की दबिशें काले धन पर अंकुश लगाने और करदाताओं में अनुपालन की भावना को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। विभाग की यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सभी व्यापारी अपने आय-व्यय का सही ब्यौरा प्रस्तुत करें और निर्धारित करों का भुगतान करें।

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