ब्रेकिंग : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सीएम को पत्र लिखा, राजधानी में नए फ्लाईओवर और सड़क निर्माण की मांग की, जानिए पूरा मामला

बिगुल
राजधानी रायपुर की यातायात समस्या को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के स्थान पर सड़क चौड़ीकरण की स्वीकृति देने का आग्रह किया है।
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा कि यह मार्ग शहर के मध्य स्थित अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है, जहां घनी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यातायात का लगातार दबाव बना रहता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह जी.ई. रोड का लगभग 600-700 मीटर का हिस्सा है, जो अब तक चौड़ीकरण से वंचित है और वर्तमान में “बॉटलनेक” बनकर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा इस मार्ग के चौड़ीकरण के पक्ष में निर्णय लिया गया था, लेकिन वर्तमान बजट में फ्लाईओवर निर्माण की घोषणा से आमजन में असंतोष देखा जा रहा है। सांसद के अनुसार, संकीर्ण और घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में फ्लाईओवर निर्माण व्यवहारिक रूप से प्रभावी नहीं होगा और इससे स्थानीय व्यापार तथा ढांचागत व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी बताया कि इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसे नगरीय निकाय चुनाव 2025 के “अटल विश्वास पत्र” में भी शामिल किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई है। उन्होंने इसे शहर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर निर्माण के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और सड़क चौड़ीकरण को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि इससे राजधानीवासियों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क चौड़ीकरण से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर की मुख्य सड़कों पर आवागमन बेहतर होगा। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को भी कम असुविधा होगी, जो फ्लाईओवर निर्माण के दौरान संभव है। इस मुद्दे को उठाते हुए सांसद ने स्पष्ट किया कि राजधानी के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए जरूरी है कि योजनाएं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी। रायपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह मुद्दा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेती है और शहर की यातायात समस्या के समाधान के लिए किस दिशा में आगे बढ़ती है।



