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ब्रेकिंग : पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने दिया अपना रिपोर्ट कार्ड, 2025 में अलग-अलग मामलों में 15, 885 FIR दर्ज, दूसरे राज्यों से भी हुई गिरफ्तारी

बिगुल
आज रायपुर एसएसपी डॉ लाल उमेद सिंह ने प्रेस वार्ता की. जिसमें उन्होंने साल 2025 के दौरान रायपुर जिले में दर्ज अपराधों, उनकी जांच और पुलिस कार्रवाई से जुड़े आंकड़ों के बारे में बताया, जिनसे जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति और अपराध प्रवृत्ति का आंकलन किया जा सकता है.

रायपुर में साल 2025 में अलग-अलग मामलों में 15, 885 FIR दर्ज
1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में रायपुर के समस्त थानों में कुल 15, 885 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 17,703 थी, जिससे कुल पंजीबद्ध अपराधों में कमी दर्ज हुई. हत्या के 90 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 85 मामलों में पुलिस ने कार्रवाई पूरी करते हुए 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं हत्या के प्रयास के 97 मामलों में से 90 प्रकरणों में 213 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। डकैती के 7 मामलों में से 6 का खुलासा किया गया, जिनमें कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लूट के मामलों की संख्या वर्ष 2024 के 73 से घटकर 2025 में 71 रही, यानी करीब 2.74 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई, इन मामलों में 137 आरोपियों को पकड़ा गया। चोरी के मामलों में भी गिरावट देखी गई, जहां 2024 में 1497 मामलों की तुलना में 2025 में 1442 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि नकबजनी के मामले 526 से घटकर 473 रह गए. बलवा के मामले 87 से घटकर 82 हुए, हालांकि धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह संख्या 250 से बढ़कर 292 पहुंच गई।

दूसरे राज्यों से भी हुई गिरफ्तारी
नारकोटिक एक्ट के तहत वर्ष 2025 में कुल 271 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम सहित अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ, वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ 78 लाख रुपये आंकी गई है. गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों के साथ दो नाइजीरियाई नागरिक भी शामिल हैं.

नकबजनी और चोरी से जुड़े मामलों में अंतर्राज्यीय और स्थानीय गिरोहों पर कार्रवाई करते हुए 32 अंतर्राज्यीय और 15 स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा गुण्डा और निगरानी बदमाशों के खिलाफ जिला दंडाधिकारी के समक्ष 33 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 5 मामलों में जिला बदर के आदेश पारित हुए. साथ ही आदतन नशा करने वाले व्यक्तियों और उनके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में भेजने की कार्रवाई भी की गई.

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