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ब्रेकिंग : पीएमओ को आइएएस डॉ. रवि मित्तल क्यों पसंद आए, उप सचिव नियुक्त हुए, उनके सफल कार्यकाल का सूक्ष्म विश्लेषण

छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क आयुक्त, आइएएस डॉ. रवि मित्तल को केन्द्र सरकार के प्राइम मिनिस्टर आफिस यानि पीएमओ में उप सचिव नियुक्त किया गया है। इस आशय का आदेश केन्द्र सरकार ने आज जारी कर दिया है। संभवत: एक—दो दिन में ही राज्य सरकार उन्हें रिलीव कर देगी।

आइएएस डॉ.रवि मित्तल की इस नियुक्ति ने सभी को भौंचक्क करके रख दिया, विशेषकर ब्यूरोक्रेसी को। क्योंकि उनके समकक्षों को भी अंदाजा नही था। 2016 बैच के आइएएस डॉ. मित्तल के कैरियर की यह बड़ी छलांग मानी जा रही है। उनका कार्यकाल दिल्ली में चार साल तक के लिए होगा। इसके बाद वे भविष्य में चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में आ जाएंगे। हालांकि उसके लिए अभी काफी समय बचा हुआ है। ईश्वर ने चाहा तो वे केबिनेट सचिव भी बन सकते हैं।

जानते चलें कि जनसंपर्क आयुक्त बनने के पूर्व डॉ.मित्तल जशपुर कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहे। उन्होंने महासमुंद, रायगढ़ व रायपुर में जिला पंचायत सीईओ के रूप में कार्य किया है। वे 2018 में बगीचा एसडीएम भी रह चुके हैं। डॉ रवि मित्तल ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली से एमबीबीएस किया और फिर वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में आये।

सीएम साय के भरोसेमंद अफसर

आइएएस डॉ.रवि मित्तल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करीबी और विश्वसनीय अफसर जाने जाते हैं। जशपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने सीएम हाउस का विश्वास जीता जिसके बाद उन्हें जनसंपर्क आयुक्त बनाकर सीएम साय की छबि गढ़ने का जिम्मा दिया गया जिसमें वे खासे सफल रहे। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं को इस तरह प्रचारित किया कि साय सरकार ने केंद्र में एक दर्जन से अधिक पुरस्कार हासिल कर लिए। विष्णु देव साय को देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री में नम्बर दो का खिताब हासिल कराने में भी यह सहायक सिद्ध हुआ। डॉ. मित्तल ने खुद अंग्रेजी में आर्टिकल लिखकर उन्हें राष्ट्रीय अखबारों में प्रकाशित कराया। मीडिया में बार बार सीएम बदले जाने की उछलती खबरों और अटकलों को विराम देने में सफल रहे।

पीएमओ की निगाह कई महीनों से थी!

जनसंपर्क आयुक्त के अपने संक्षिप्त कार्यकाल में डॉ. मित्तल ने नगर निगम चुनाव में साय सरकार की विजय, पीएम मोदी की छत्तीसगढ़ में लगातार विजिट होना, नक्सलवाद के अत्याचार को नई दिल्ली तक उजागर करना, सीएम के लिए देश—विदेश में विशेष निवेश वाले कांक्लेव कराने के साथ—साथ मित्तल ने जनसंपर्क विभाग में कई नए प्रयोग किए और श्रेष्ठतम परिणाम दिए। रायपुर साहित्य उत्सव को देश—विदेश में ख्याति दिलाकर एक बड़ा इवेंट में बदलना तथा उसे स्थायी आयोजन बनाने का कार्य डॉ. रवि मित्तल के नेतृत्व में ही हुआ। वे तुरंत फैसला करने वाले, त्वरित परिणाम देने वाले तथा मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। केन्द्र सरकार का पीएमओ ऐसे ही अफसरों की सर्चिंग करता रहता है। यही वजह रही कि पीएमओ की निगाह कई महीनों से डॉ. मित्तल पर जमी थी। इसके पहले पीएमओ में रोहित यादव रह चुके हैं और अब डॉ. रवि मित्तल अपनी सेवाएं देंगे। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।

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