मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम

बिगुल
सीएम साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे भविष्य की नींव रखता है और आर्थिक विकास के साथ-साथ हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे भविष्य की नींव रखता है और आर्थिक विकास के साथ-साथ हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्य भवन में प्रस्तुत यह पहला बजट है, जिसमें रोजगार सृजन, जन अपेक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ-सबका विकास की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, मध्यम वर्ग और श्रमिकों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस बजट का सीधा फायदा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को मिलेगा और राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से कृषि उत्पादकता बढ़ाने की योजना बनाई गई है। पशुपालन और डेयरी सेक्टर को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं के लिए बजट को उम्मीदों से भरा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में काम के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा और विदेशों में शिक्षा पहले की तुलना में अधिक सुलभ होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने बजट को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए राज्यों में पांच क्षेत्रीय हब बनाए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार भी बढ़ेगा।


