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छत्तीसगढ़ में फिर पकड़ी गई जहरीली फसल की खेती, टीएस सिंहदेव ने उठाए सवाल

बिगुल
छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार को लेकर सियासत गरमाई हुई है। बलरामपुर जिले में फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत खजुरी के तुर्रीपनी में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की खबर चिंताजनक है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब प्रशासन के पास पूरे साल बोई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड रहता है, तो उसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती कैसे हो गई।यह मामला केवल लापरवाही का नहीं बल्कि कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका भी पैदा करता है। सिंहदेव ने सरकार से पूरे मामले की गंभीर जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

बता दें कि जिले की खजुरी पंचायत के तुर्रीपनी गांव में करीब ढाई से तीन एकड़ जमीन पर अफीम की फसल उगाई जा रही थी। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। खेत में लगी अफीम की फसल को जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।

खेत में लगे अफीम के पौधों पर डोडा पूरी तरह पक चुका था और उनमें चीरा भी लगाया गया था। इससे समझा जा सकता है कि अफीम का लेटेक्स निकालने की तैयारी चल रही थी। बताया जाता है कि जमीन एक स्थानीय आदिवासी किसान की है, जिसे झारखंड के एक व्यक्ति को लीज पर दिया गया था। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में लगी है।

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