Blog

दिल्‍ली से लौटे दीपक बैज, चुनावी रणनीति पर दिया बयान, बोले- 31 मार्च से पहले होगा प्रदेश कार्यकारिणी का गठन

बिगुल
दिल्ली में छत्तीसगढ़ सहित 8 राज्यों के 286 से अधिक नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की बैठक है. एक दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित था. इस कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया. इस बैठक में तीन-चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष फोकस रहा. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे. आगामी समय में 10 दिन का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस बैठक में आने वाले चुनाव को लेकर भी रणनीति चर्चा हुई.

31 मार्च से पहले होगा प्रदेश कार्यकारिणी का गठन
कार्यकारिणी गठन को लेकर दीपक बैज ने कहा कि 31 मार्च से पहले ब्लॉक, जिला और प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हो जाएगा. उन्‍होंने कहा कि जिलाध्यक्षों को टास्क दिया जाएगा. कार्य के आधार पर मूल्यांकन होगा. इसमें तीन कैटेगरी तय की गई हैं – ग्रीन, येलो और रेड. इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वालों के लिए पार्टी का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा. रेड जोन में आने वालों की परफॉर्मेंस की समीक्षा होगी.

चैतन्‍य बघेल से खरगे की मुलाकात सौजन्‍य
चैतन्य बघेल की मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात पर दीपक बैज ने कहा कि वे गए तो थे, वे इसे सौजन्य मुलाकात मानते हैं. बीजेपी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि काजल की कोठरी में बैठे लोग दूसरों को दागी कह रहे हैं. बीजेपी में ह‍रिशचंद दीया लेकर ढूंढने पर भी नहीं मिलेंगे. बीजेपी के 15 साल के शासन और मौजूदा 2 साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ है और हम पर आरोप लगाना उनके मुंह से शोभा नहीं देता. वहीं सलीम राज के बयान पर दीपक बैज ने कहा कि सलीम राज भाजपा का मोहरा है और बिना सिर-पैर की बातें करते हैं. पुरंदर मिश्रा और सलीम राज दोनों बीजेपी के मोहरे हैं.

नक्‍सल क्षेत्रों में विधायकों के दौरे पर रोक
नक्सल क्षेत्रों में विधायकों के दौरे पर रोक को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पोस्ट पर दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विधायकों को सुरक्षा मिलती थी. अब सरकार नक्सलमुक्त का दावा कर रही है. जनप्रतिनिधियों को जनता से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा? एक तरफ नक्सलमुक्त की बात, दूसरी ओर रोक, बाताओ सच्चाई क्या है? दाल में कुछ तो काला है.

मानहानि पर बोलें दीपक बैज कहा दावा झूठा
असम सीएम के मानहानि दावे पर दीपक बैज ने कहा कि मानहानि का दावा करने से झूठ नहीं छिपाया जा सकता. निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए. संसद की JPC कमेटी से जांच कराई जाए. दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए. मानहानि के नोटिस किसी को डराने के लिए दिए जा रहे हैं. इससे कोई पाक-साफ साबित नहीं हो सकता.

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button