दिव्यांग हस्तशिल्प कला केंद्र का शुभारम्भ, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की मदद से शुरू हुआ केन्द्र, अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने किया उद्घाटन

बिगुल
रायपुर. छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा कम ब्याज दर पर प्रदान किए गए ऋृण से स्थापित दिव्यांगों की पहली दुकान “दिव्यांग हस्तशिल्प कला केंद्र” का उदघाटन आज राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने किया. श्री कावड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों के कौशल विकास, स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में यह पहल निश्चित ही समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी.
गरियाबंद जिले के ग्राम चंपारण में दिव्यांग हस्तशिल्प कला केंद्र की शुरूआत हुई. इस अवसर पर निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स श्री हरेन्द्र पटेल जी एवं श्रीमती आरती त्रिवेदी जी, प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा जी, महाप्रबंधक श्री शरद चंद्र तिवारी जी, सलाहकार श्री राजेश तिवारी जी, मीसो महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अंजू पारख जी, समाज कल्याण विभाग गरियाबंद के उप संचालक श्री डोनर ठाकुर जी, छालीवुड की सुप्रसिद्ध कलाकार सुश्री रितिका यादव जी, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनपद पंचायत अभनपुर के सभापति श्री ब्रह्मानंद साहू जी, सरपंच श्री अनिल साहनी जी, उपसरपंच श्री दुष्यंत साहू जी एवं दिव्यांग हस्तशिल्प कला केंद्र की संचालिका श्रीमती सुनीता साहू जी अपनी पूरी टीम सहित गरिमामयी रूप से उपस्थित रहीं।
निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रोजेक्ट यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हृदय के अत्यंत निकट है तथा छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के विशेष मार्गदर्शन एवं प्राथमिकताओं में सम्मिलित है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
यह दिव्यांग हस्तशिल्प कला केंद्र दिव्यांग द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिन्होंने महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गनाइजेशन एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर में 19 से 23 दिसंबर तक आयोजित स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर रोज़मर्रा उपयोग की हस्तनिर्मित सामग्रियाँ तैयार करना सीखा। यह केंद्र दिव्यांगजनों को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल है।
इस केंद्र की स्थापना से ग्रामीण दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा तथा जनमानस के समक्ष दिव्यांगजनों की क्षमता, प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन भी होगा। अध्यक्ष महोदय की परिकल्पना है कि जिन दिव्यांगजनों में क्षमता है, उनकी क्षमता का विकास कर कम लागत वाले केंद्रों की स्थापना हेतु सहायता प्रदान की जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र दिव्यांगजनों तक पहुँच सके।
निगम अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया जी ने सभी दिव्यांगजनों से समय पर ऋण अदायगी करने की अपील करते हुए कहा कि इससे निगम की योजनाएँ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकेंगी तथा ईमानदारी से ऋण चुकाने वाले दिव्यांगजनों को भविष्य में और अधिक सहायता प्रदान की जाएगी।



