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मौत की झूठी कहानी, पिता का चुकाना था कर्ज, 40 लाख रुपये का था युवक का जीवन बीमा

बिगुल
19 अगस्त की शाम 7 बजे शिवनाथ नदी पर पुल के ऊपर एक मोटर साइकिल जोकि चालू हालत में मिली और मोबाइल फोन भी मिला। लोगो को लगा कि किसी ने कूद गया है,पुलिस को सूचना मिलने पर टीम पहुंची और मोटर साइकिल मोबाइल को जब्त कर तलाश लेने पर जानकारी मिली कि यह मोटर साइकिल तिलक राम श्रीवास की है घर में संपर्क करने पर पता चला कि उसका छोटा बेटा कौशल श्रीवास 21 वर्ष जोकि लापता है। जिससे पहचान हुई, और पामगढ़ थानेE गुम इंसान का मामला दर्ज किया गया। कोई अनहोनी को लेकर 20 अगस्त को बिलासपुर SDRF और नगर सैनिक के गोताखोरों टिम ने लगातार 4 दिन तक तलाशी ली मगर कुछ पता नहीं चला।

वही मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस टीम ने तकनीकियां सहायता और सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के माध्यम से युवक कौशल श्रीवास ने अपने दोस्त को ठीक होने की जानकारी दी थी। इस दौरान 23 अगस्त की शाम को 5 बजे अज्ञात नंबर से कौशल श्रीवास ने अपने भाई को फोन कर जानकारी दी,अंजन नंबर को ट्रेस कर बिलासपुर आरपीएफ और उसलापुर थाने को फोटो भेज कर तलाशी की गई। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गुम इंसान की हुलिया से मिलता हुआ युवक तोरवा में घूम रहा है जिसपर परिजनों को लेकर पहुंचे और सकुनत बरामद किया गया।

गुम इंसान कौशल श्रीवास से पूछताछ करने पर पता चला कि गुम इंसान के पिता का लाखो रूपये का कर्जा है तथा उसके चुकाने में असक्षम होने से गुम इंसान परेशान रहता था। गुम इंसान का 40 लाख रूपयें का बीमा था। घर की परेशानी सेे छुटकारा पाने के लिए गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा योजना बनाकर अपने आप को मृत घोषित कर अपने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उपरोक्त घटना कारित करना स्वीकार किया।

दिनांक घटना के बाद गुम इंसान घटना स्थल से पैदल पामगढ़ गया वहां से बस से बिलासपुर दिनांक 20.08.2025 को पहुंचा एवं बिलासपुर रेलवे स्टेशन से छ.ग. एक्सप्रेस से दिल्ली फरिदाबाद दिनांक 21.08.2025 को पहुंचा रात्रि स्टेशन में रहा तथा दिनांक 22.08.2025 को वापस स्टेशन से बिलासपुर के लिए निकला तथा दिनांक 23.08.2025 को बिलासपुर पहुंचा यात्रा के दौरान अपने मोबाईल को स्टेशन से फेकना बताया।

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