नक्सली हिड़मा को ‘शहीद’ बताकर उसके अस्थियों पर कर्मकांड करने पहुंचे तेलंगाना के पूर्व विधायक थाती

बिगुल
सुकमा के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र और खूंखार नक्सली हिड़मा के एक पूवर्ती गांव में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब तेलंगाना राज्य से आए करीब 70 से 80 लोग अचानक गांव पहुंचे। इन लोगों में तेलंगाना के पूर्व विधायक थाती वेंकटेश्वरलु भी शामिल रहे। वे असवरावपेटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और तेलुगू देशम पार्टी से जुड़े रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी सदस्य माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राज की चिता स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व विधायक थाती वेंकटेश्वरलु ने हिड़मा के घर में हिड़मा और उसकी पत्नी राज की तस्वीरों पर शहीद की तरह दर्जा देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की तथा हिड़मा की मां से मुलाकात कर सहानुभूति व्यक्त की।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से हिड़मा के मारे जाने के बाद उसके नाम पर लगातार माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले दिल्ली से जुड़ा घटनाक्रम सामने आया, इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई से बनी रीलें वायरल की गईं। फिर जगदलपुर संभाग मुख्यालय में आयोजित बिरसा मुंडा कार्यक्रम के दौरान हिड़मा से जुड़ा गाना बजाए जाने को लेकर विवाद हुआ।
इस क्रम में पूवर्ती गांव में बिना किसी पूर्व सूचना के तेलंगाना से लोगों का अचानक पहुंचना ग्रामीणों को खटक गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध जताते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सभी बाहरी लोगों को सुकमा मुख्यालय लाया गया, जहां उनसे रात भर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद सुबह सभी को छोड़ दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दोबारा उनके गांव में न आएं और हिड़मा के नाम पर माहौल बनाकर गांव को मुसीबत में न डालें। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीरता से देख रही हैं।



