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LPG, राशन, टोल की दरों से लेकर शराब के दामों तक…1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में हुए ये बदलाव

बिगुल
आज यानि 1 अप्रैल 2026 से छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में कई नियम बदल गए हैं. जहां एक ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई है. वहीं छत्तीसगढ़ में शराब की कीमतों, टोल टैक्स के नए दामों की लिस्ट भी जारी हुई है. जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है.

आज से कमर्शियल सिलेंडर के बढ़े दाम
आज से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 2,078.50 रुपये हो गई है. इसके पहले भी 1 मार्च को भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया था. 1 मार्च को 19 किलोग्राम सिलेंडर के दाम 114.50 रुपये बढ़ाए गए थे.

सड़क का सफर हुआ महंगा
छत्तीसगढ़ में आज से सड़क का सफर महंगा हो गया है. नेशनल हाईवे (National Highway) की टोल दरों में बढ़ोतरी की है. इससे यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा. वहीं पासधारकों को पुरानी दरों पर ही सफर करने की छूट रहेगी.

नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू
आज से छत्तीसगढ़ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू हो गई है. जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम साबित होगी. इस नीति के तहत किसी भी शादी, पार्टी या अन्य आयोजन में 100 से अधिक मेहमानों के शामिल होने पर आयोजकों को तीन दिन पहले स्थानीय नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा.

इस पॉलिसी में सबसे कड़ा प्रावधान ‘ऑन द स्पॉट फाइन’ का है. नए नियमों के अनुसार, कचरे को गलत तरीके से फेंकने या सूचना न देने पर जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माना की राशि 500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक हो सकती है.

अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का राशन
छत्तीसगढ़ में अप्रैल के महीने में ही तीन माह अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित किया जाएगा. दरअसल, पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और सर्वर की समस्याओं के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा था. इसके साथ ही गोदामों में स्टॉक की कमी ने भी स्थिति को जटिल बना दिया था. फरवरी और मार्च में भी वितरण को सुचारू रखने के लिए अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका.

बिजली भुगतान में बदलाव
छत्तीसगढ़ में बिजली के उपयोग और बिल भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव गया है. सरकार ने बिजली कंपनी के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें अब उपभोक्ताओं को बिजली इस्तेमाल करने से पहले भुगतान करना होगा. यानी अब मोबाइल रिचार्ज की तरह बिजली भी पहले रिचार्ज करानी पड़ेगी, तभी घरों और दफ्तरों में बल्ब जलेंगे.

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