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एचआर हेल्थ केयर हॉस्पिटल बना ड्रामा सेंटर! फर्जी मरीजों के नाम पर आयुष्मान योजना में हो रहा घोटाला, जांच में हुआ खुलासा

बिगुल
अंबिकापुर में निजी एचआर हेल्थ केयर अस्पताल में बड़ी लापरवाही का जांच में खुलासा हुआ है. जांच रिपोर्ट देखकर आप हैरान रह जाएंगे, आपको यकीन नहीं होगा कि यह जांच रिपोर्ट किसी अस्पताल का है या फिर किसी फिल्मी ड्रामा सेंटर का है, ड्रामा सेंटर इसलिए क्योंकि फिल्मों में ऐसे ही अस्पताल बनाए जाते हैं ताकि उनके फिल्मों की शूटिंग की जा सके. जांच रिपोर्ट में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी और फर्जी मरीजों को भर्ती कर इलाज कर सरकार को चुना लगाने की भी आशंका जताई गई है और इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है जबकि जिस नाम से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन किया गया है. उस नाम से अस्पताल का संचालन नहीं करते हुए. दूसरे नाम से अस्पताल का संचालन किया जा रहा था.

एचआर हेल्थ केयर हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना में हो रहा घोटाला
सरगुजा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है जिसमें लिखा गया है कि जांच दल को नर्सिंग होम एक्ट, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, पीसीपीएनडीटी और आरसीएच मानको के अनुरूप संस्था के संचालन में अनियमिता पाई गई. जांच रिपोर्ट के मुताबिक नर्सिंग होम एक्ट के तहत (क्लीनिक स्थापना) के HR हेल्थ केयर के लिए निमिष अग्रवाल के नाम पर लाइसेंस जारी किया गया लेकिन जब निरीक्षण किया गया तो इस दौरान गोयल हॉस्पिटल के नाम से संचालित करना पाया गया, यह नर्सिंग होम एक्ट 2013 के नियम 11 (03) म एवं ध का उल्लंघन है. जांच के दौरान संस्था के प्रोपराइटर भी उपस्थित नहीं हुए.

निरीक्षण के दौरान लिफ्ट के गेट पर ताला लगा पाया गया है, लिफ्ट के अंदर लाइट और पंखा नहीं था. लिफ्ट के फर्श में पानी जमा था, लिफ्ट का सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है. निरीक्षण के दौरान प्रबंधन द्वारा Round the Clock डॉक्टर ड्युटी रोस्टर और नर्सेस, स्टाफ ड्युटी रोस्टर और उपस्थति पंजी मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया गया. डॉक्टर का वेतन रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया. वार्ड आईसीयू और ओटी में कलर कोड नहीं थे, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन मानक अनुरूप नहीं पाया गया. संस्था में लेबर वार्ड, ओटी और शौचालय में साफ सफाई मानक अनुरूप नहीं पाया गया. यहां तक कि निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड, आईसीयू वार्ड में एमरजेंसी ट्रे नहीं पाया गया है.
निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में मरीजों के साइड टेबल में दवाइयां उपलब्ध नहीं थी. वार्ड में बेड हेड टिकिट उपलब्ध नहीं था. आईपीडी रजिस्टर में मरीजों के भर्ती और डिस्चार्ज डेट भी रजिस्टर नहीं किया गया था.

आईसीयू वार्ड में वेन्टीलेटर, डेफिब्रिल्लाटर, Resuscitaiton उपकरण नहीं होना पाया गया है. एचडीयू वार्ड में आवश्यक बेड साइड ट्रे में आवश्यक दवा उपलब्ध नहीं था और बेड कोने के दिवाल से चिपका हुआ था.

अस्पताल में फर्जी मरीज को किया जा रहा घोटाला
निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीज एक ही क्षेत्र बतौली के थे. निरीक्षण दल द्वारा मरीजों से बात करने पर पाया गया कि मरीज कमर दर्द और दस्त की शिकायत के साथ भर्ती हुए थे. जो संदेहास्पद है. वहीं एक मार्च 2025 से 26 अगस्त तक तक अस्पताल द्वारा ज्यादातर क्लेम HYPONATREMIA, SEVERE ANEMIA, SEVERE SEPSIS, GASTROENTERITS, ACUTE VIRAL HEPATITIS, AKI/RENAL FAILURE से किए जा रहें हैं. वहीं निरीक्षण के दौरान अग्नि शमन यंत्र 15 जून 2025 को समाप्त पाया गया.

नियमों के खिलाफ हो रही सोनोग्राफी
अस्पताल में सोनोग्राफी का काम डॉ निधि गर्ग के द्वारा किया जा रहा है. संस्था में वर्तमान में एक सोनोग्राफी मशीन का उपयोग किया जा रहा है, निरीक्षण के दौरान सोनोग्राफी मशीन में दर्ज कुछ गर्भवती महिलाओं का नाम ओपीडी रजिस्टर और फार्म में अनियमिता पाई गई है. माह मार्च 2025 से संस्था द्वारा पीसीपीएनडीटी मासिक रिपोर्ट कार्यालय को प्रेषित नहीं किया गया जो कि गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम के नियम 09 के उप नियम 08 का उल्लंघन है.

जांच के दौरान आईसीयू प्रसुति एवं आपरेशन कक्ष क्रियाशील नहीं पाया गया. निरीक्षण के दौरान दवा दुकान में फार्मासिस्ट नहीं पाया गया. नर्सिंग होम एक्ट आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पीसीपीएनडीटी और आरसीएच मानको के अनुरूप संस्था के संचालन में अनियमित्ता पाई गई.

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