छत्तीसगढ़ में 5.5 की जगह बांट दी 5 मीटर की साड़ी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा – पहन भी नहीं पा रहे

बिगुल
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिन साड़ियों को बांटा गया है, ऐसी साड़ी बाजार में 250 रुपये से कम कीमत पर मिल रही हैं. दावा किया जा रहा है कि साड़ी को धोने पर सिकुड़ गई और रंग भी चले गया. बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, दुर्ग और धमतरी से ऐसे मामले सामने आए हैं.
छत्तीसगढ़ में साड़ियों की खरीद को लेकर बड़े स्तर पर धांधली सामने आई है. महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कम लंबाई की साड़ी बांट दी गई. उनका आरोप है कि वे इसे पहन भी नहीं पा रही हैं. संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए हैं. कहा है कि एक-एक साड़ी की जांच की जाएगी.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए साड़ी खरीदी के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग को जिम्मा सौंपा गया. प्रति साड़ी 500 रुपये के हिसाब से 9.7 करोड़ रुपये की खरीदी गई. वर्क ऑर्डर में साफ लिखा था कि साड़ी की कुल लंबाई 6.3 मीटर होनी चाहिए. इसमें 5.5 मीटर हिस्सा साड़ी का होना चाहिए और 80 सेमी ब्लॉउज होगा. इसके स्थान पर कार्यकर्ताओं को 5 मीटर की साड़ी दी गई.
250 रुपये से भी कम मिल रही साड़ी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिन साड़ियों को बांटा गया है, ऐसी साड़ी बाजार में 250 रुपये से कम कीमत पर मिल रही हैं. दावा किया जा रहा है कि साड़ी को धोने पर सिकुड़ गई और रंग भी चले गया. बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी, दुर्ग और धमतरी से ऐसे मामले सामने आए हैं.
लक्ष्मी राजवाड़े ने क्या कहा?
इस मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों से साड़ियों के रंग फीका होने, लंबाई कम होने और कपड़ा पतला होने की शिकायत मिली है. जहां से भी ऐसी शिकायत मिली है, वहां से वापसी के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है. रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.



