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राजनांदगांव में देसी शराब की बोतल में मिला कीड़ा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

बिगुल
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक में एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. जहां देशी शराब के पौवे में कीड़ा तैरता हुआ दिखाई दे रहा है, दरअसल पूरा मामला डोंगरगढ़ ब्लॉक के कटली गांव स्थित शासकीय कंपोजिट शराब दुकान से निकले देशी शराब के पौवे में तैरते कीड़े से जुड़ा है. यूं तो शराब सेवन वैसे ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और अगर उसमें कीड़े हो तो उसका पीने वाले के स्वास्थ पर प्रतिकूल प्रभाव डालना लाजमी है. किस्मत यह अच्छी रही कि जिस शराब प्रेमी ने इस शराब को खरीदा उसने पीने से पहले उस पौवे को गौर से देख लिया और इसका वीडियो बना लिया.

वही स्थानीय विधायक ने पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के द्वारा चुनाव के पहले शराबबंदी की बात कही गई थी. परंतु सरकार बनने के बाद लगातार शराब दुकानों की संख्या बढ़ती जा रही है और अलग-अलग शराब नीति लाई जा रही है, परंतु शराब की गुणवत्ता को लेकर सरकार कुछ नहीं कर रही है.

देसी शराब की बोतल में मिला कीड़ा
इसका नतीजा यह है कि कटली स्थित शासकीय कंपोजिट शराब दुकान में शराब की बोतल में कीड़ा तैरता नजर आ रहा है जो कहीं ना कहीं आम नागरिक को सीधा जहर देने का काम किया जा रहा है आम जनता शराब के नशे में डूबे रहे और विकास कार्य धरातल पर शून्य हो यह सुशासन की सरकार है या कुशासन की यह समझ नहीं आ रहा. वही डोंगरगढ़ आबकारी उपनिरीक्षक अनिल सिंह ने पूरे मामले से पलड़ा झाड़ते हुए कहा की वीडियो में जो बैकग्राउंड दिख रहा है, वह हमारे किसी भी शराब दुकान का नहीं है वहीं जब मीडिया ने पूछा कि वीडियो में शराब पर लगे होलोग्राम QR कोड से संबंधित शराब की बोतल के बारे में जानकारी मिल जाएगी तो उन्होंने मीडिया से ही उसे वायरल वीडियो में दिखाया जा रहे शराब बोतल को लेकर आने की नसीहत दे दी.

पहले भी मामला आया है सामने
बहरहाल यह कोई पहला मामला नहीं जब डोंगरगढ़ आबकारी विभाग अपनी कार्यशैली को सुर्खियों में आया हो इससे पहले भी ग्राम करवारी में मप्र निर्मित बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब को डंप करने के मामले में आबकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर तात्कालिक आबकारी विभाग के डोंगरगढ़ प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है, ऐसे में देखना यह होगा कि आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में आबकारी विभाग के उच्च अधिकारी आखिर जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही करते हैं?

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