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महापौर मंजूषा भगत का बेतुका बयान, बोलीं- पीलिया की बीमारी में साजिश की बू, एक ही इलाके में कैसे फैला रोग?

बिगुल
अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के नवागढ़ इलाके में पीलिया की बीमारी से लोगों के पीड़ित होने के मामले में बेतूका बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पीलिया की यह बीमारी साजिश की एक बू है. मतलब उन्होंने पीलिया की बीमारी को दूषित पानी की वजह से फैलने पर इसे साजिश बता दिया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि इस इलाके में नगर निगम के द्वारा जो पेयजल सप्लाई किया जा रहा है, उसमें खतरनाक बैक्टीरिया है और इसकी वजह से पीलिया फैल सकती है.

नवागढ़ इलाके में पीलिया के शिकार हुए लोग
अंबिकापुर के नवागढ़ इलाके में पिछले कई दिनों से पीलिया की बीमारी से लोग पीड़ित मिल रहे हैं. पिछले दिनों जब लगातार इस इलाके से पीलिया के मरीज मिल रहे थे तब स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर पेयजल का सैंपल लेकर जांच कराया तब पता चला कि पानी में खतरनाक बैक्टीरिया मिले हुए हैं. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कलेक्टर और नगर निगम के जिम्मेदारों को पत्र भी लिखा और फिर जब मीडिया में खबरें आई, तब नगर निगम प्रशासन हरकत में आया.

पीलिया की बीमारी में साजिश की बू – महापौर
दूसरी तरफ इस बीच आज अंबिकापुर नगर निगम के महापौर मंजूषा भगत प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया को एक बयान दिया जो अब सुर्खियों में आ गया है.

भगत ने कहा, पीलिया की बीमारी नवागढ़ इलाके में फैलने पर कहा है कि यह साजिश का हिस्सा हो सकता है इसमें साजिश की बू आ रही है. उन्होंने इस दौरान कहा कि आखिर सिर्फ इसी इलाके में पीलिया के मरीज क्यों मिल रहे हैं, इसी इलाके में आखिर पीलिया क्यों फैला हुआ है. जबकि नगर निगम के द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी को पूरा शहर पी रहा है.

निगम को पहले क्यों नहीं दी गई जानकारी?
उन्होंने यह भी कहा कि पीलिया फैलने की जानकारी हमें 10 दिन पहले ही मिली. आखिर हमें समय पर इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि इस इलाके में गंदगी का ढेर पड़ा हुआ है और अब तक इसकी सफाई नहीं हुई है हालात देखकर लग रहा है कि 2 साल से यहां सफाई ही नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की नगर निगम के कमिश्नर तक को जानकारी नहीं है जबकि पिछले तीन-चार महीना से पीलिया के मरीज यहां मिल रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पानी पीने की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने हमें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी.

मरम्मत का काम किया जा रहा – जल प्रभारी जितेंद्र सोनी
दूसरी तरफ नगर निगम के जल प्रभारी जितेंद्र सोनी ने कहा कि उन्हें दो दिन पहले मीडिया के माध्यम से पता चला कि इस इलाके में लोग दूषित पानी पीने की वजह से पीलिया जैसे बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं. इसके बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है मरम्मत का काम किया जा रहा है और लोगों को साफ पानी मिल सके इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है हालांकि उन्होंने कहा कि दूषित पानी पीने के अलावा दूषित भोजन की वजह से भी लोग पीलिया से पीड़ित हो सकते हैं यह जांच का विषय है.

पानी की हो रही जांच
हालांकि उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने मितानिन के माध्यम से पेयजल का सैंपल लिया था और मेडिकल कॉलेज के लैब में ले जाकर जांच कराया गया लेकिन उन्होंने इस पर सवाल खड़ा करते हुए यह भी कहा कि मितानिन के द्वारा जब इसका सैंपल लिया गया तब आखिर वह कहां से पानी लेकर जांच कराई, यह भी जांच का विषय है.

कुल मिलाकर जल प्रभारी पानी के लिए गए सैंपल पर भी सवाल उठाते हुए नजर आए. दूसरी तरफ उन्होंने कहा है कि डेढ़ सौ से अधिक पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए अब रायपुर भेजा गया है, एक-दो दिन में वहां से उसकी रिपोर्ट आएगी तब स्थिति क्लियर होगी कि आखिर पीलिया फैलने की वजह दूषित पानी है या फिर दूषित भोजन.

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