दुर्ग में अफीम की खेती, जिला प्रशासन ने पेड़ों को काटने का काम किया शुरू, NDPS एक्ट के तहत हो रही कार्रवाई

बिगुल
दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में मक्के की फसल की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया. इस मामले में पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, गोलू ठाकुर और विकास विश्नोई को गिरफ्तार किया है. वहीं अब जिला प्रशासन ने अफीम के पेड़ों को काटना भी शूरू कर दिया है.
प्रशासन ने अफीम के पौधे काटना किया शुरू
शुक्रवार को इसकी सूचना पुलिस को मिली थी. इसके बाद शनिवार को दिनभर राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस और प्रशासन ने इसकी जांच की. अब रविवार को जिला प्रशासन की निगरानी में दुर्ग पुलिस के जवान अफीम के पौधों को काटने और नष्ट करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं. इस काम में करीब 25 से 30 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं.
दुर्ग में अफीम की अवैध खेती
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि यह अवैध खेती समोदा, झेनझरी और सिरसा गांव के बीच स्थित खेतों में की जा रही थी. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मक्का और भुट्टे की फसल के बीच छिपाकर अफीम के पौधे लगाए गए हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान खेत में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे पाए गए. इसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, फॉरेंसिक साइंस लैब, आबकारी विभाग और राजस्व विभाग को सूचना देकर संयुक्त कार्रवाई की गई.
BJP नेता समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकर, गोलू ठाकुर और विकास विश्नोई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं राजस्थान के जोधपुर निवासी अचला राम जाट को इस खेती का मुख्य प्लॉटर बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की टीम जोधपुर भेजी गई है. हालांकि बीजेपी ने विनायक ताम्रकर को निलंबित कर दिया है.



