बच्चों को कुत्ते का जूठन खिलाने के मामले में प्रधानपाठक और शिक्षक सस्पेंड

बिगुल
बलौदाबाजार के पलारी ब्लॉक के लछनपुर गांव स्थित मिडिल स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने का मामला सामने आया था. हमने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके अलावा हाई कोर्ट ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया था. वहीं अब इस मामले में लापरवाही करने वाले प्रधानपाठक और शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
प्रधानपाठक और शिक्षक सस्पेंड
बता दें कि स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा खाना परोसने के मामले में विस्तार न्यूज की खबर का बड़ा असर हुआ है. जहां लापरवाही करने वाले प्रधानपाठक नेतराम गिरी और शिक्षक वेद प्रकाश पटेल को निलंबित की दिया गया है. वहीं इस मामले में महिला समूह को पहले ही कार्य से हटाया गया है और तीन शिक्षकों के इंक्रीमेंट पर भी रोक लगा दी गई है.
स्कूल में छात्रों को खिलाया कुत्ते का जूठा खाना
29 जुलाई को मंगलवार के दिन लछनपुर मिडिल स्कूल में मध्याह्न भोजन बांटा जा रहा था. इस दौरान एक आवारा कुत्ता किचन के पास रखी सब्जी को जूठा कर गया. कुछ बच्चों ने यह देखकर शिक्षकों को सूचित किया. शिक्षकों ने रसोइया समूह की महिलाओं को जूठी सब्जी बच्चों को न परोसने का निर्देश दिया, लेकिन महिलाओं ने इनकार करते हुए कहा कि सब्जी जूठी नहीं हुई है और उन्होंने जबरदस्ती 84 बच्चों को वही भोजन परोस दिया.
हाई कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी
इसके बाद हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बताया कि, छात्रों को परोसा जाने वाला भोजन कोई औपचारिकता नहीं है, यह गरिमा के साथ होना चाहिए. कुत्ते द्वारा जूठा भोजन परोसना न सिर्फ घोर लापरवाही है बल्कि बच्चों की जान को सीधा खतरे में डालना है. एक बार रेबीज हो जाने पर इलाज संभव नहीं होता. कोर्ट ने घटना को गंभीर प्रशासनिक विफलता और अमानवीय कृत्य करार दिया और राज्य सरकार से पूछा कि, क्या सभी छात्रों को समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई है. स्व-सहायता समूह और शिक्षकों पर क्या कार्रवाई हुई. क्या छात्रों को मुआवजा दिया गया. भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने क्या ठोस उपाय किए जाएंगे.