रिटायर्ड शिक्षक से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23 लाख ठगे, अंतर्राष्ट्रीय साइबर गिरोह के दो गुर्गे अरेस्ट

बिगुल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रिटायर्ड शिक्षक गरुण सिंह पटेल से सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए 23 लाख 28 हजार रुपए ठग लिए गए। गिरोह के दो आरोपियों को बंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया।
छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने एक सेवानिवृत्त शिक्षक से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 23 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित से 12 किस्तों में रकम हस्तांतरित कराई थी।
पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक गरुड़ सिंह पटेल ने 11 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर 2025 को अनजान व्यक्तियों ने फोन कर खाते की जांच में सहयोग मांगा।
आरोपियों ने धमकाकर 25 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के माध्यम से 23 लाख 28 हजार 770 रुपये अलग-अलग खातों में डलवा लिए।
जांच के बाद पुलिस को आरोपियों के बेंगलुरु में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने विग्नेश प्रकाश और स्टीफन थॉमस को बेंगलुरु से पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि दुबई में रहने वाला फिरोज खान उर्फ डोमिनिक इस गिरोह का मुख्य सरगना है।
फिरोज देशभर में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लोन ऐप्स के जरिए ठगी करता था। पुलिस ने विग्नेश के खाते में मिले 17 लाख रुपये से अधिक की रकम को होल्ड कराया है।



