च्वाइस सेंटरों पर बंद हुई सेवाएं! 15 जुलाई से नहीं बन रहे आधार कार्ड, अब गुमाश्ता बनाने में संकट

बिगुल
राजधानी समेत पूरे प्रदेश में च्वाइस सेंटरों (Aadhaar Update Centres) से 15 जुलाई से आधार कार्ड बनाना और सुधारना बंद कर दिया गया है। इसके बाद हजारों लोग अब लोक सेवा केंद्र (Lok Seva Kendras) और निजी सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं।छत्तीसगढ़ में नौकरियां
छत्तीसगढ़ में नौकरियां
सर्वर डाउन, दस्तावेज अपलोड में समस्या
लोगों का कहना है कि सरकारी आधार सर्वर डाउन समस्या के कारण दस्तावेज अपलोड ही नहीं हो रहे। कई बार सिस्टम डॉक्यूमेंट अपलोड एरर दस्तावेज़ अपलोड त्रुटि या गलत दस्तावेज का मैसेज दिखाता है। इस वजह से न तो Aadhaar Card Correction (स्पेलिंग/पता सुधार) हो पा रहा है और न ही नए आवेदन पूरे हो रहे हैं।
सरकारी केंद्रों पर बढ़ी भीड़, घंटों इंतजार
च्वाइस सेंटरों से काम बंद (Choice Centre Services Closed) होने के बाद सरकारी आधार सेवा केंद्र पर भारी भीड़ लग गई है। कई बार लोगों को एक-एक घंटे तक टोकन लेकर इंतजार करना पड़ रहा है। बायोमेट्रिक सत्यापन आधार अनिवार्य होने की वजह से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
अब गुमाश्ता की जगह मिलेगा श्रमिक पहचान संख्या
सरकार ने गुमाश्ता (Gumashta License) बनाने की प्रक्रिया भी रोक दी है। अब श्रमिकों को श्रमिक पहचान संख्या (Labour Identity Number) जारी की जाएगी। इसके लिए आवेदन अब श्रम विभाग कार्यालय में ही होंगे, च्वाइस सेंटरों से नहीं।
लोगों की परेशानी बढ़ी, संशोधन की मांग
नागरिकों का कहना है कि अचानक सेवा बंद होने से रोजमर्रा के कामकाजी लोग परेशान हैं। व्यवसाय के मालिक, छोटे व्यापारी और व्यापारी बार-बार चक्कर काट रहे हैं। इस बीच कमिश्नर कमिश्नर महादेव कांवरे के पास एक फाइल दाखिल की गई है जिसमें सुझाव दिया गया है कि श्रमिक पहचान संख्या एप्लीकेशन की सुविधा च्वा सेंटरों से भी दी जाए।