बिना तलाक दिए शिक्षक पति ने की दूसरी शादी, 9 साल से न्याय के लिए भटक रही है पहली पत्नी

बिगुल
बलरामपुर रामानुजगंज एक शादीशुदा शिक्षक के द्वारा पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली गई इसके बाद पहली पत्नी विगत 9 वर्षों से इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है। पहली पत्नी ने आरोप लगाया दहेज एवं दूसरी पत्नी के शिक्षक की नौकरी होने का उनके द्वारा ऐसा किया गया।
पहली पत्नी जो ग्राम धनगांव की रहने वाली है उसने बताया कि सन 2007 में सामाजिक रीति रिवाज से धूमधाम से केवड़ाशीला के युवक से मेरा शादी हुआ जो शिक्षक है। शादी के के बाद दो बच्चे भी हुए। शादीशुदा जिंदगी अच्छा चल रहा था इसी बीच 2015 में मेरी पति की मुलाकात शिक्षक की नौकरी कर रही है एक युवति से हुआ जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चलने लगा व दोनों ने बिना मुझे तलाक दिए शादी कर ली शादी की बात लगातार इनकार करते रहे। मैंने बहुत प्रयास किया कि यह बात प्रमाणित कर सकूं कि दोनों की शादी हो गई परंतु मैं यह प्रमाणित नहीं कर पा रही थी। दोनों की शादी हो गई इस बीच दोनों के दो बच्चे हुए एवं बर्थ सर्टिफिकेट में दोनों बच्चों के मेरे पति के नाम थे। जिसे मैन लंबी लड़ाई के बाद हासिल किया। पहली पत्नी ने बताया कि पति के द्वारा तलाक की अर्जी लगाई गई थी परंतु उसे माननीय न्यायालय के द्वारा खारिज कर दिया गया।
हिंदू मैरिज एक्ट का है उल्लंघन
हिंदू मैरिज एक्ट 1995 के तहत धारा 17 के अनुसार पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी कर आईपीसी की धारा 494 और 495 के तहत अपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। पहली पत्नी ने न्याय की गुहार लगाई है। जिला शिक्षा अधिकारी डी.एन.मिश्रा ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।