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तीन शिक्षकों को उज्जैन में सम्मान, राष्ट्रीय शिक्षा शिल्पी अवार्ड से किया गया सम्मानित

बिगुल
जिले के लिए गौरव की बात है कि यहां के तीन शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, नवाचार और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित शिक्षा शिल्पी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 14 दिसंबर को उज्जैन (मध्यप्रदेश) स्थित श्री मौन तीर्थ हिंदी विद्यापीठ में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान दिया गया।

कार्यक्रम में श्री श्री 1008 सुमनानंद जी महाराज, डॉ. पी. आर. वासुदेवन शेष, कार्यक्रम अध्यक्ष नंदलाल त्रिपाठी पीतांबर (गोरखपुर), कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजीव गांधी, एचडी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली के डॉ. अनिल प्रधान की गरिमामयी उपस्थित रहे। अधिवेशन में देश के 13 राज्यों- छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के तीन शिक्षकों को सम्मान
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले से अर्चना सामुएल मसीह, स्वप्निल सिंह पवार, भीष्म त्रिपाठी को इस राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला। तीनों शिक्षक जीपीएम जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पूर्व में भी रायपुर में महामहिम राज्यपाल तथा कलिंगा यूनिवर्सिटी द्वारा सम्मानित हो चुके हैं।

वर्तमान में अर्चना सामुएल मसीह शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा, ब्लॉक मरवाही में पदस्थ हैं तथा जिला संगठन आयुक्त गाइड और जिला रेड क्रॉस सोसायटी में राज्य प्रतिनिधि के रूप में भी सेवाएं दे रही हैं। स्वप्निल सिंह पवार व्यायाम शिक्षिका हैं।

वहीं भीष्म त्रिपाठी प्राथमिक शाला अंधियारखोर में प्रधान पाठक के रूप में कार्यरत हैं। तीनों को उनके उत्कृष्ट कार्य, शैक्षणिक नवाचार, उल्लेखनीय उपलब्धियों और सेवाओं के लिए सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा जगत में खुशी और गर्व का माहौल है।

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