छत्तीसगढ़ ओलपिंक एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष क्यों बने बृजमोहन अग्रवाल, उनके एक बयान से धराशायी हुए राजनीतिक दिग्गज, एसोसिएशन के चुनाव की अंदरूनी कहानी

बिगुल
रायपुर. छत्तीसगढ़ ओलपिंक एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन हो गया. कम से कम पांच साल तक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह खेल संगठन नए आयाम तय करेगा. हालांकि इस बार एसोसिएशन में धुरंधर चेहरों ने भी जगह पाई है और वे पदाधिकारी बनाए गए हैं जिनमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद विजय बघेल, मंत्री केदार कश्यप, विक्रम सिसोदिया, डॉ.हिमांशु द्विवेदी जैसी राजनीतिक शख्सियत शामिल हैं.
सांय सांय ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ ओलपिंक एसोसिएशन नई उड़ान भरने जा रहा है जिसके संकेत साय ने दे दिए. उन्होंने कई सालों से लंबित राष्ट्रीय खेल आगामी दो साल के अंदर करवाने का ऐलान किया. इसके पहले सरकार को खेल संसाधन विकसित करने होंगे. साय की पहल पर ही रायगढ़ जिले में 31 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम कांप्लेक्स, हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, 14 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार जिले में इंडोर स्टेडियम कांप्लेक्स तथा जशपुर जिले के कुनकुरी में 33.60 करोड़ की लागत से आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण प्रारंभ हो गया है. सीएम साय ने ऐलान किया कि ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक से तीन करोड़ तक का ईनाम दिया जाएगा.
बृजमोहन अग्रवाल का आंखें खोलने वाला संदेश
अचरजभरी बात यह रही कि जिस दिन ओलंपिक एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए, उसके बाद सीएम चले गए लेकिन दूसरे सत्र में जब कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई तो सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ओलपिंक एसोसिएशन का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया. ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है जब यह पद सृजित किया गया. इसलिए तय मानिए कि अध्यक्ष जरूर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बने हैं लेकिन रणनीति और कार्यक्रम अग्रवाल के अनुसार ही होंगे.
एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का चुनाव जब चल रहा था तो सीएम विष्णु देव साय मंच पर बैठे थे. उनके बाजू में सांसद बृजमोहन अग्रवाल बैठे थे. अग्रवाल के जब भाषण देने की बारी आई तो उन्होंने वहां पर उपस्थित सभी राजनीतिक पदाधिकारियों को आईना दिखा दिया. अग्रवाल ने हंसते हुए कहा कि ‘खेल संघ में आ गया हूं. हालांकि अब मुझे पांच साल में एक बार ही खेलना है, पहले हर महीने खेलना पड़ता था. उनकी इस टिप्पणी पर ठहाके लग गए.
अग्रवाल यहीं पर नही रूके, उन्होंने आगे कहा कि जब तक मैं मंत्री रहा तो ओलपिंक एसोसिएशन और खेल संघों से दूरी बनाकर ही रखा. मेरा मानना है कि मंत्री के तौर पर हमें खेलों को प्रोत्साहन देने, संसाधन विकसित करने पर जोर देना चाहिए. खेल संघ खिलाड़ियों और कोच के लिए छोड़ देना चाहिए. श्री अग्रवाल के इस स्टैण्ड की इसलिए भी तारीफ हुई क्योंकि यह स्टैण्ड पीएम नरेन्द्र मोदी का भी होता है.
एसोसिएशन का नया ‘विक्रम
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमनसिंह के विश्वस्त सिपहसालार रहे विक्रम सिसोदिया को महासचिव बनाया गया है, हालांकि सिसोदिया कई सालों से ओलंपिक एसोसिएशन से जुड़े हैं और टेबल टेनिस संघ को आगे बढ़ाने में महती भूमिका रही है. पिछली सरकार में उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय मैच रायपुर में कराने का श्रेय हासिल है. कुल मिलाकर वे खेल के प्रति समर्पित रहे हैं. व्यवहार के मामले में स्वर्गीय अरूण जेटली से कमतर नही हैं. नेता हो, कार्पोरेट हो या मीडिया, सिसोदिया सभी जगह फिट होने और हर किसी को साध लेने में माहिर हैं. इसका नतीजा यह होता है कि खेल संघ सधे कदमों से चलता है और उसकी चाल नही बिगड़ती. आने वाला समय बताएगा कि विक्रम सिसोदिया महासचिव पद से कितना न्याय कर पाते हैं!
पूर्व आइएएस की अग्निपरीक्षा
पूर्व आइएएस अशोक अग्रवाल ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली है इसलिए सरकार ने उनकी पहली परीक्षा लेते हुए छत्तीसगढ़ ओलपिंक एसोसिएशन के चुनाव का चुनाव अधिकारी बना दिया. अग्रवाल ने संबंधों का जादू इस कदर बिखेरा कि पद के अनुरूप पूरे नामांकन तक नही हो सके और चुनाव निर्विरोध संपन्न हो गया. कुछ विपक्षी खेमा सक्रिय था लेकिन अग्रवाल ने उसे भी पटा लिया.
भाजपाई राजनीति का नवोदित चेहरा उज्जवल दीपक को ओलंपिक एसोसिएशन में कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है. इससे भाजपा में उनके प्रतिस्पर्धी नेता भौंचक्क रह गए हैं. बताया जाता है कि उज्जवल को सत्ता के करीबी एक कददावर व्यक्ति का आर्शीवाद मिला है. एक नेता ने टिप्पणी की कि उज्जवल को अब निगम—मंडल मिलेगा कि नही. एक व्यक्ति एक पद का मुददा कहीं पीछे ना पड़ जाए.
इसी क्रम में उपाध्यक्ष हेतु सर्व श्री बृजमोहन अग्रवाल, केदार कश्यप, विजय बघेल, हिमांशु द्विवेदी, संजय पिल्ले, गजराज पगारिया, शरद शुक्ला, रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल तथा महासचिव के पद पर श्री विक्रम सिंह सिसोदिया निर्वाचित हुए। इसी तरह संयुक्त सचिव सर्वश्री राम जाखड़, आर. राजेन्द्रन, मोहम्मद अकरम खान, मनीष श्रीवास्तव, प्रशांत सिंह रघुवंशी, मनोज कुमार अग्रवाल और श्री समीर खान को निर्विरोध चुना गया। श्री संजय मिश्रा संघ के कोषाध्यक्ष चुने गए। इसके साथ ही ओलंपिक संघ के कार्यकारिणी सदस्य के रुप में 12 लोगों को भी र्निविरोध चुना गया ।