कांग्रेस के 12 नेताओं समेत अन्य पर FIR, पुलिस पर फेंके कांच की बोतल और पत्थर

बिगुल
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन का असर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी देखने को मिला। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस ने रायपुर में जमकर बवाल मचाया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए वॉटर कैनन से पानी की बौछार करने के साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े। बीजेपी की ओर से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय घेराव के दौरान मचे बवाल में पुलिस ने कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत पर कांग्रेसियों पर शासकीय कार्य में बांधा पहुंचाने, बल प्रयोग और कानून-व्यवस्था भंग करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरीकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं पुलिस पर कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके गये।
जानें क्या था मामला
एफआईआर के मुताबिक, 22 जुलाई को भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान राजीव भवन के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इस दौरान कांग्रेस ऑफिस की ओर से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता बैरीकेडिंग की तरफ कूच किये। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की की। पुलिस पर कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके गये।
इन कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर
जिन कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है। उनमें सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा, अमित तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 132, 191 और 221 के तहत केस दर्ज किया गया है।



