Blogकॉर्पोरेट

गांव को शहर बनाने का विरोध! उदयपुर डुमरडीह को नगर पंचायत बनाने के प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

बिगुल
सरगुजा जिले के उदयपुर और डुमरडीह ग्राम पंचायत को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया का ग्रामीणों ने विरोध किया है. जिला प्रशासन की ओर से उदयपुर को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रस्ताव का विरोध जताया.

ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि गांव को नगर पंचायत बनाने के बजाय ग्राम पंचायत के रूप में ही रहने दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित विकास योजनाओं का लाभ उन्हें मिलता रहे. ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के माध्यम से गांव के विकास और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप काम कराए जा रहे हैं.
ग्राम सभा में विरोध में उठी आवाज

उदयपुर और डुमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ग्राम सभा आयोजित की गई. ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत बनने से गांव का स्वरूप बदल जाएगा और ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं एवं योजनाओं पर इसका असर पड़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उदयपुर और डुमरडीह को नगर पंचायत में शामिल करने के बजाय वर्तमान ग्राम पंचायत व्यवस्था को ही बरकरार रखा जाए.
ग्रामीण विकास के लिए ग्राम पंचायत ही बेहतर

ग्रामीणों का तर्क है कि उनकी जरूरतें शहरी क्षेत्र से अलग हैं. खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन से जुड़े लोगों के लिए ग्राम पंचायत के माध्यम से मिलने वाली योजनाएं अधिक उपयोगी हैं. ऐसे में गांव को शहर का स्वरूप देने के बजाय ग्रामीण क्षेत्र के रूप में ही विकसित किया जाना चाहिए.

ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां अधिकारियों के सामने रखीं. अब ग्राम सभा में सामने आए ग्रामीणों के विरोध और आपत्तियों को प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा.

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button