कॉर्पोरेट

भारी बारिश ने छत्तीसगढ़ में मचाई तबाही, 214 सड़कें क्षतिग्रस्त, 10 हजार किमी सड़क नेटवर्क हुआ प्रभावित

बिगुल
छत्तीसगढ़ में इस साल हुई भारी मानसूनी बारिश ने सड़क और पुल-पुलियों के नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 214 से अधिक प्रमुख सड़कें बारिश से प्रभावित हुई हैं, जबकि करीब 10 हजार किलोमीटर सड़क नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। कई इलाकों में सड़कें टूटने, बड़े गड्ढे बनने और आवागमन बाधित होने की स्थिति बनी हुई है। बारिश और नदियों-नालों के उफान ने कई स्थानों पर सड़क संपर्क को भी प्रभावित किया है। वहीं, 6 पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त या ढहने की जानकारी भी सामने आई है।

भारी बारिश से सड़कों का नेटवर्क प्रभावित

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में सड़कें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कहीं सड़क की सतह उखड़ गई है तो कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में लोगों को आने-जाने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रारंभिक सर्वे में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि नुकसान का दायरा काफी बड़ा है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण कई स्थानों पर स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है।

सूरजपुर में करोड़ों का पुल बहा

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड में भारी बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण एक पुल के क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है। बताया गया है कि यह पुल करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया था।तेज बारिश के बाद नदी में आए उफान ने पुल को नुकसान पहुंचाया, जिससे क्षेत्र के आवागमन पर असर पड़ा है। पुल-पुलियों को हुए नुकसान ने बारिश के दौरान बुनियादी ढांचे की मजबूती पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजनांदगांव के ओवरब्रिज में आईं बड़ी दरारें

राजनांदगांव के आलीवारा-मुसरा क्षेत्र में बने एक ओवरब्रिज को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बारिश के बीच ओवरब्रिज में बड़ी दरारें आने की जानकारी सामने आई है।बताया जा रहा है कि कुछ जगहों पर दरारें काफी लंबी हैं, जिसके बाद संरचना की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे मामलों में समय पर तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है।
कई जगह सड़क पर चलना हुआ मुश्किल

बारिश से खराब हुई सड़कों पर बड़ी संख्या में गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी भरने से वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क टूटने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने वाले मार्ग प्रभावित होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पुल-पुलियों को भी पंहुचा नुकसान

भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 6 पुल-पुलियों के ढहने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।पुल-पुलियों को नुकसान होने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने अब क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत के साथ वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है।नुकसान का सर्वे जारीबारिश से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए संबंधित विभागों की ओर से सर्वे किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में सड़कों और पुल-पुलियों को बड़े स्तर पर नुकसान होने की तस्वीर सामने आई है।बारिश पूरी तरह थमने के बाद नुकसान का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है। इसके बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर योजना तैयार की जाएगी।

लगातार बारिश ने बढ़ाई चुनौती

छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश ने इस बार सड़क व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। टूटी सड़कें, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियां और बाधित आवागमन लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती बारिश के बाद क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत कर लोगों को राहत पहुंचाने की होगी।

The Bigul

हमारा आग्रह : एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं. कृपया हमारी आर्थिक मदद करें. आपका सहयोग 'द बिगुल' के लिए संजीवनी साबित होगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button