आइएएस सोनमणि बोरा छत्तीसगढ़ लौटे, रायपुर मंत्रालय में दी ज्वाइनिंग, प्रमुख सचिव बनाए जा सकते हैं

बिगुल
रायपुर. सीनियर आईएएस अफ़सर सोनमणि बोरा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से छत्तीसगढ़ लौट आए हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1999 बैच के अधिकारी हैं। बोरा ने रायपुर मंत्रालय में ज्वाइनिंग दे दी है।
आइएएस बोरा को छत्तीसगढ़ में प्रमुख सचिव पद पर लाया गया है. विभाग जल्द ही आबंटित कर दिया जाएगा. जानते चलें कि बोरा ने सन् 2002 में रायपुर नगर निगम कमिश्नर का दायित्व सम्हाला था। उन्होंने बिलासपुर, सरगुजा एवं कबीरधाम (कवर्धा) जैसे सुर्खियों में रहने वाले जिलों में कलेक्टरी की। छत्तीसगढ़ में पहली सरकार बनी तो उन्होंने पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का फिर दूसरी बार की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का विश्वास जीता था।
बोरा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (हाउसिंग बोर्ड) एवं रायपुर विकास प्रधिकरण (आरडीए) जैसी संस्थाओं में सीईओ रहे। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में संचालक रहे। एक समय में वे तत्कालीन राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके के सचिव रहे। जब वे किसी संवैधानिक पद से जुड़ी शख़्सियत के साथ डटकर खड़े रहे और समय-समय पर उन्हें महत्वपूर्ण सलाह देते रहे वह पिछली कांग्रेस सरकार में बैठे कुछ लोगों को रास नहीं आया था। कोविड का भयंकर महामारी वाला दौर आया तो आपदा प्रबंधन जैसी ज़िम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।
जानते चलें कि आइएएस सोनमणि बोरा केन्द्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी लैंड मैनेजमेंट थे. उन्होंने देशभर की जमीनों का आधार नंबर तैयार करने का महती कार्य किया जिसे मोदी सरकार ने काफी सराहा था. इसीलिए जब छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनी तो बोरा को पुन: राज्य में लाने के प्रयास शुरू हो गए थे. वे विजनरी आइएएस और परिणाम देने वाले अफसर माने जाते हैं.
जोगी सरकार और डॉ. रमन सिंह सरकार के समय में बोरा साहब का जो सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद मानो सब कुछ बदलता सा दिखने लगा। बदलाव वाले उस दौर में उनका रूख़ दिल्ली की तरफ हो गया था। अब छत्तीसगढ़ वापसी हो चुकी है। कितने ही लोगों के मन में प्रश्न है कि बोरा साहब कौन सा दायित्व मिलने जा रहा है?



